न्यू ईयर भोज-प्रार्थना सभा के बहाने धर्मांतरण, बिलासपुर में पास्टर ने घर बुलाया, हिंदू संगठन बोले- लालच देकर धर्म बदलवा रहे
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में धर्मांतरण का मामला सामने आया है. न्यू ईयर सेलिब्रेशन के बहाने भोज और प्रार्थना सभा कर धर्मांतरण कराने का आरोप है. हिंदूवादी संगठन के लोगों ने पास्टर का शपथ दिलाते हुए वीडियो भी बनाया है, जिसमें वो प्रार्थना सभा में मौजूद लोगों को नए साल में बपतिस्मा लेने की शपथ दिला रहे हैं. पुलिस ने शिकायत के आधार पर पास्टर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. यह घटना पचपेड़ी थाना क्षेत्र का है. हिंदू संगठन के लोगों का कहना है कि प्रार्थना सभा की आड़ में महिलाओं और पुरुषों को स्वास्थ्य सुविधाएं, खाना-पीना और अन्य लाभ देने का लालच देकर धर्म बदलने के लिए प्रेरित किया जा रहा था. जोंधरा गांव के सुखनंदर लहरे ईसाई धर्म को मानता है. उस पर आरोप है कि पास्टर बनकर गांव के भोले-भाले लोगों को प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने का प्रयास कर रहा था. न्यू ईयर पर वह अपने घर में भोज और प्रार्थना सभा आयोजित किया था, जिसमें बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और युवाओं को बुलाया था.
जब गांव में प्रार्थना सभा आयोजिन होने की जानकारी स्थानीय लोगों को मिली तो वे वहां पहुंच गए. उन्होंने घर में भोज से पहले आयोजित प्रार्थना सभा के दौरान इसका चुपचाप वीडियो बनाया, जिसमें सुखनंदर लहरे लोगों को प्रभु ईशु को मानने और 2026 में बपतिस्मा लेने की शपथ दिलाता दिख रहा है. स्थानीय युवकों ने वीडियो हिंदू संगठन को भेज दिया. इसके बाद हिंदू संगठन और स्थानीय युवक वहां पहुंच गए.
इसके बाद हिंदू संगठनों ने पुलिस को इसकी सूचना दी और धर्मांतरण कराने का आरोप लगाया. उनका कहना है कि न्यू ईयर भोज की आड़ में लोगों को इकट्ठा किया गया था. प्रार्थना सभा की आड़ में महिलाओं और पुरुषों को स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य लालच देकर धर्म बदलने के लिए उकसाया जा रहा था.स्थानीय युवकों और हिंदूवादी संगठन के लोगों ने मामले की शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने बिना अनुमति प्रार्थना सभा कराने और धर्मांतरण कराने के आरोप में सुखनंदन लहरे के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. बपतिस्मा ईसाई धर्म में पवित्र संस्कार है, इसमें पानी का इस्तेमाल किया जाता है. किसी व्यक्ति को ईसाई समुदाय में शामिल करने और मसीह के साथ नए जीवन की शुरुआत का प्रतीक है.
