कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत

सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत दे दी है. 30 अप्रैल 2026 को हुई सुनवाई के बाद जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस ए.एस. चंदुरकर की पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा पर शर्तें भी लगाई है. अदालत के शर्तों के अनुसार कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को जांच में पूरा सहयोग करना होगा. साथ ही जब भी पुलिस स्टेशन में बुलाया जाए, उपस्थित होना पड़ेगा. वो किसी भी तरह से सबूतों को प्रभावित या छेड़छाड़ नहीं कर सकेंगे. अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अपीलकर्ता बिना सक्षम न्यायालय की अनुमति के देश से बाहर नहीं जा सकेंगे. साथ ही, ट्रायल कोर्ट को यह अधिकार दिया गया है कि वह जरूरत के अनुसार अतिरिक्त शर्तें भी लागू कर सकता है. अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा कि जमानत पर विचार करते समय जिन दस्तावेजों और तथ्यों का उल्लेख किया गया है, उनका केस के अंतिम निर्णय से कोई संबंध नहीं है.

ट्रायल कोर्ट इन टिप्पणियों से प्रभावित हुए बिना कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगा.पवन खेड़ा की जमानत याचिका पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी. दोनों तरफ की दलीलें सुनने के बाद शीर्ष अदालत ने खेड़ा की उस याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें उन्होंने असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी पर कई पासपोर्ट और विदेश में अघोषित संपत्तियां होने के आरोपों से जुड़े मामले में अग्रिम जमानत मांगी है.