सरिस्का टाइगर रिजर्व में पहली बार दिखा दुर्लभ सफेद मोर, तस्वीरें वायरल
अलवर के सरिस्का टाइगर रिजर्व से इस बार एक ऐसी दुर्लभ और आकर्षक तस्वीर सामने आई है, जिसने पर्यटकों से लेकर वन्यजीव प्रेमियों तक का ध्यान खींचा है. यहां के बाल किला बफर जोन में पहली बार एक सफेद मोर दिखाई दिया, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. यह घटना उस वक्त सामने आई, जब पर्यटक सरिस्का के बारा लिवारी ट्रैक पर सफारी का आनंद ले रहे थे. अचानक उनकी नजर एक सफेद रंग के मोर पर पड़ी, जो आमतौर पर दिखने वाले नीले और हरे रंग के मोरों से बिल्कुल अलग और बेहद दुर्लभ था. इस अनोखे दृश्य को देखकर पर्यटक पहले तो हैरान रह गए और फिर उन्होंने तुरंत उसके फोटो और वीडियो रिकॉर्ड कर लिए.
देखते ही देखते सफेद मोर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं और पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गईं. सरिस्का टाइगर रिजर्व, जो पहले से ही बाघों और अन्य वन्यजीवों की वजह से देशभर में प्रसिद्ध है, अब इस दुर्लभ सफेद मोर की वजह से एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है. स्थानीय फोटोग्राफर और नेचर गाइड हिमांशु के अनुसार, यह पहली बार है जब सरिस्का के इतिहास में सफेद मोर देखा गया है. उन्होंने बताया कि बारा लिवारी ट्रैक पर सफारी के दौरान पर्यटकों ने इस मोर को देखा और तुरंत इसकी तस्वीरें लीं. उनके मुताबिक, सफेद मोर का दिखना एक दुर्लभ घटना है, जो आमतौर पर अनुवांशिक बदलाव या विशेष जैनेटिक स्थिति के कारण होता है, जिसे ल्यूसीज्म या अन्य आनुवंशिक विकार से जोड़ा जाता है.
सरिस्का टाइगर रिजर्व में पहले से ही वन्यजीवों की बड़ी विविधता मौजूद है. यहां बाघों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, साथ ही 500 से अधिक तेंदुए (पैंथर), सांभर, चीतल, नीलगाय, भालू और हिरण जैसी कई प्रजातियां हैं. इसके अलावा मोर और गिद्धों की भी अच्छी संख्या यहां देखी जाती है, लेकिन सफेद मोर का दिखना इस पूरे इकोसिस्टम में एक अलग ही ‘सरप्राइज एंट्री’ जैसा है.
जैसे ही सफेद मोर की जानकारी वन विभाग तक पहुंची, प्रशासन ने भी इस पर निगरानी शुरू कर दी है. सरिस्का के सीसीएफ संग्राम सिंह ने बताया कि उन्हें इस दुर्लभ मोर की सूचना मिली है और इसकी मॉनिटरिंग की जा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि यह घटना सरिस्का के लिए बेहद खास है, क्योंकि यहां पहली बार सफेद मोर देखा गया है.
विशेषज्ञों का मानना है कि सफेद मोर का दिखना एक प्राकृतिक और आनुवंशिक प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है, जो बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलता है. इस दुर्लभ घटना के बाद सरिस्का में पर्यटकों की संख्या में भी उत्साह देखा जा रहा है. कई लोग केवल इस सफेद मोर को देखने और उसकी एक झलक पाने के लिए सफारी में पहुंच रहे हैं.
