सडक़ पर घूम रहे मवेशियों को हांकते हुए कलेक्टोरेट पहुंच गए लोग, बोले- अब कलेक्टर साहब जानें

अंबिकापुर। शहर समेत गांव से होकर गुजरने वाली नेशनल हाइवे और स्टेट हाइवे सडक़ों पर जहां-तहां निराश्रित गाय-बैल जमावड़ा लगाए रहते हैं। कई बार सडक़ पर जाम की स्थिति बन जाती है। ऐसे में वहां से गुजरने वाले बाइक सवारों से लेकर चारपहिया व भारी वाहन चालकों को संभलकर चलना पड़ता है। रात में ये मवेशी जानलेवा साबित होने लगते हैं। सडक़ पर बैठे मवेशी वाहन चालकों को दिखाई नहीं देते हैं और वे दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। हादसे में वाहन चालक से लेकर मवेशियों तक की मौत हो जाती है। इसी बीच मवेशियों से परेशान शहर से लगे ग्राम भकुरा के लोगों ने अनोखा प्रदर्शन किया। वे सडक़ों पर बैठे मवेशियों को हांकते हुए कलेक्टोरेट पहुंच गए। उनका कहना है कि अब कलेक्टर साहब जानें कि इन्हें कहां रखना है।

अंबिकापुर-रामानुजगंज नेशनल हाइवे पर शहर से लगे ग्राम परसा-भकुरा के लोग निराश्रित गाय-बैलों से परेशान हैं। मवेशी मालिक उन्हें जहां-तहां छोड़ देते हैं। परेशान ग्रामीणों ने अनोखा प्रदर्शन किया। वे सडक़ पर खड़े और बैठे मवेशियों को हांकते हुए करीब 13 किलोमीटर दूर अंबिकापुर स्थित कलेक्टोरेट कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने कलेक्टोरेट परिसर में सभी मवेशियों को घुसा दिया।

यह देख कलेक्टोरेट परिसर में आने वाले अधिकारी-कर्मचारी हैरान रह गए। फिलहाल परिसर में मवेशियों का जमावड़ा लगा हुआ है। इस संबंध में ग्राम पंचायत परसा के पूर्व सरपंच का कहना है कि हमारे गांव की सडक़ों पर ये मवेशी जहां-तहां बैठे रहते हैं। ऐसे में कई लोग सडक़ दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि ये मवेशी शहर के ही हैं। इन्हें निगम के लोग पकडक़र रात में हमारे गांव की ओर छोड़ देते हैं। ऐसे में मवेशी उनकी धान, मक्का समेत अन्य फसलों को चर जा रहे हैं। इससे उन्हें काफी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से वे लोग मवेशियों को लेकर यहां आए हैं। अब कलेक्टर साहब जानें कि इनका क्या करना है।

ग्रामीणों का कहना है कि वे मवेशियों को लेकर कलेक्टर के पास इसलिए भी आए हैं ताकि इन्हें उचित स्थान पर रखा जा सके, जहां इनके खान-पान व रहने की उचित व्यवस्था हो। उन्होंने ऐसे मवेशी मालिकों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है, जो इन्हें खुला छोड़ देते हैं।