बागेश्वर धाम से 170 लोगों के लापता होने का मामला: 75 दस्तयाब, अभी भी 95 लोगों का नहीं मिला सुराग
मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित विश्व प्रसिद्ध बागेश्वर धाम से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। हाल ही में प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़े विवादों के बीच, बागेश्वर धाम से पिछले कुछ समय में 170 लोगों के लापता होने की बात सामने आई है। इस आंकड़े में महिलाएं और पुरुष दोनों शामिल हैं। हालांकि पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अगस्त और सितंबर के महीनों में 75 लोगों को ढूंढ निकाला है, लेकिन अभी भी 95 लोगों का कोई सुराग नहीं लग सका है, जिससे उनके परिजन खासे परेशान हैं और अपनों की तलाश की गुहार लगा रहे हैं।
मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा का कहना है कि बागेश्वर धाम में देश-विदेश से भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, और कई बार लोग भीड़भाड़ में अपने परिजनों से बिछड़ जाते हैं या बिना बताए कहीं चले जाते हैं। विभिन्न राज्यों से दस्तयाब: पुलिस टीमों ने तकनीकी मदद और छानबीन करते हुए बिहार, झारखंड, गुजरात सहित कई अन्य राज्यों में दबिश दी और अब तक 75 लोगों को सुरक्षित दस्तयाब कर उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
पुलिस के मुताबिक, इनमें से कुछ ऐसे लोग भी थे जो सुरक्षित अपने घर पहुंच चुके थे, लेकिन उन्होंने इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को नहीं दी थी, जिससे गुमशुदगी का आंकड़ा भ्रमित कर रहा था। एसपी के अनुसार, शेष बचे 95 लापता लोगों की तलाश के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार जुटी हुई हैं।
यह बड़ा आंकड़ा ऐसे समय में सामने आया है जब हाल ही में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने खुद धाम आने वाली माताओं-बहनों से अपील की थी कि वे अकेली आने से बचें और अनजान लोगों या सेवादारों पर भी आंख मूंदकर भरोसा न करें। उन्होंने स्पष्ट किया था कि धाम का क्षेत्र लगभग 5 किलोमीटर में फैला हुआ है और इतने बड़े क्षेत्र में हर व्यक्ति को व्यक्तिगत सुरक्षा मुहैया कराना संभव नहीं है। इसलिए भक्तों को दर्शन करने के बाद सुरक्षित अपने घर लौट जाना चाहिए।
बहरहाल, इस खुलासे के बाद से जहां एक तरफ पुलिस बाकी 95 गुमशुदा लोगों को तलाशने में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ इतने बड़े पैमाने पर लोगों के लापता होने का यह मामला चिंता का विषय बना हुआ है।
