पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ें , रायपुर में ₹107.96 लीटर, छत्तीसगढ़ के 8 जिलों में ₹109 के पार
देशभर में तेल कंपनियों ने फिर पेट्रोल डीजल के रेट बढ़ा दिए हैं। आज, 25 मई को पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा कर दिया है।इस बढ़ोतरी के बाद छत्तीसगढ़ के कई जिलों में पेट्रोल का प्राइस 109 रुपए प्रति लीटर के पार पहुंच गया है। राजधानी रायपुर में अब 1 लीटर पेट्रोल की कीमत ₹107.96 हो गई है।
फ्यूल संकट और बढ़ती कीमतों के बीच प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। रायपुर कलेक्टर ने पेट्रोल-डीजल की ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
शहर में कहीं भी अधिक कीमत वसूली या अवैध बिक्री की जानकारी मिलने पर लोग 9977222564, 9977222574, 9977222584 और 9977222594 नंबर पर शिकायत कर सकते हैं।
बस्तर और सरगुजा संभाग के जिलों में ज्यादा कीमत बढ़ी है। वहीं, रायपुर और कोरबा जैसे शहरों में बाकी जिलों की तुलना में थोड़ी राहत है। नारायणपुर में पेट्रोल ₹109.65 प्रति लीटर, जगदलपुर में ₹109.64, दंतेवाड़ा में ₹109.60 और बीजापुर में ₹109.59 लीटर बिक रहा है।
जशपुर में पेट्रोल ₹109.52, सूरजपुर में ₹109.39 और अंबिकापुर में ₹109.09 प्रति लीटर, रायगढ़ में 109.3 रुपए दर्ज किया गया। बता दें कि इस महीने चौथी बार फ्यूल के रेट में इजाफा हुआ है। दुर्ग में पेट्रोल ₹108.29, धमतरी में ₹108.45, महासमुंद में ₹108.64 और बिलासपुर में ₹108.65 प्रति लीटर पहुंच गया है।
राजधानी रायपुर में पेट्रोल की कीमत ₹107.96 प्रति लीटर रिकॉर्ड है। प्रदेश के बड़े शहरों में यह दर अपेक्षाकृत कम है, लेकिन हालिया बढ़ोतरी के बाद यहां भी वाहन चालकों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ा है।
प्रदेश में सबसे कम पेट्रोल कीमत कोरबा में दर्ज की गई, जहां पेट्रोल ₹107.63 प्रति लीटर बिक रहा है। इसके अलावा जांजगीर में ₹108.21 और कवर्धा व रायगढ़ में ₹108.86 प्रति लीटर रेट सामने आया है।
जानकारों के मुताबिक, बस्तर और सरगुजा संभाग में ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट ज्यादा होने के कारण पेट्रोल की कीमतें ज्यादा रहती है। वहीं बड़े शहरों और औद्योगिक जिलों में सप्लाई बेहतर होने से कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिलता है।
लगातार बढ़ती पेट्रोल कीमतों का असर अब रोजमर्रा के खर्च पर भी दिखाई देने लगा है। ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का कहना है कि डीजल और पेट्रोल महंगा होने से माल ढुलाई और यात्री किराए पर भी असर पड़ सकता है। वहीं आम लोग भी लगातार बढ़ते ईंधन खर्च से परेशान नजर आ रहे हैं।
