PM मोदी बोले- ईरान जंग जारी रही तो गंभीर असर होगा, होर्मुज में कई भारतीय फंसे, ये चिंता का विषय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम एशिया के हालात पर राज्यसभा को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया संकट से भारत में स्थिति चिंताजनक है। हमारे व्यापार के रास्ते प्रभावित हो रहे हैं। गैस-तेल जैसे जरूरी सामान की सप्लाई प्रभावित हो रही है। पीएम ने कहा कि फर्टिलाइजर की सप्लाई प्रभावित हो रही है। होर्मुज स्ट्रेट में हमारे जहाज और भारतीय क्रू फंसा हुआ है। जरूरी है कि भारत की संसद की उच्च सदन से शांति और संवाद की एकजुट आवाज पूरी दुनिया तक जाए। पीएम ने कहा कि युद्ध की शुरूआत के बाद से मैंने वेस्ट एशिया के देशों के राष्ट्राध्यक्षों से बात की है। गल्फ के देशों के साथ बात कर रहे हैं। अमेरिका और इजराइल के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि हमने होर्मूज स्ट्रेट खोले जाने पर बात की है। कमर्शियल जहाज पर हमला अस्वीकर है। भारत ने इस समस्या के समाधान के लिए संवाद का रास्ता सुझाया है। किसी के भी जीवन पर संकट मानवता के हित में नहीं है।
पीएम मोदी ने कहा कि हमने होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर बात की है। कमर्शियल जहाज पर हमला अस्वीकर है। भारत ने इस समस्या के समाधान के लिए संवाद का रास्ता सुझाया है। किसी के भी जीवन पर संकट मानवता के हित में नहीं है। पीएम ने कहा कि भारतीयों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। जंग शुरू होने से अबतक 3 लाख 75 हजार से ज्यादा भारतीय देश लौट चुके हैं। ईरान से एक जहजार से अधिक भारतीय लौटे हैं। इनमें 700 से अधिक मेडिकल की पढ़ाई करने वाले हैं। सभी देशों ने वहां मौजूद भारतीय की सुरक्षा का भरोसा दिया है। हमलों के कारण कुछ भारतीयों की मौत हुई है। यह दुखद है। उनके परिवार को मदद दी जा रही है। जो घायल हैं उन्हें इलाज दी जा रही है।
पीएम ने कहा कि होर्मुज विश्व व्यापार के सबसे बड़ा रूट है। इस रूट से गैस और फर्टिलाइजर का बहुत बड़ा मात्रा आता है। लेकिन विपरित हालात के बावजूद सरकार ने संवाद से, कूटनीति से रास्ता बनाने की कोशिश की है। कोशिश है कि जहां से भी संभव हो तेल और गैस भारत पहुंचे। पीएम ने कहा कि बीते कुछ दिनों में दुनिया के अनेक देशों से कच्चे तेल और LPG से भरे जहाज भारत आए हैं। इस दिशा में हमारे प्रयास आने वाले दिनों में भी जारी रहेंगे। तेल, गैस, फर्टिलाइजर, हर जरूरी सामान से लदे जहाज भारत पहुंचें, यह हमारी कोशिश है, लेकिन ऐसे हालात लंबे समय तक रहे तो गंभीर परिणाम होंगे। कोई भी संकट हमारे हौसले और प्रयास की परीक्षा लेता है। देश ऐसे संकटों का सामना कर सके, इसके लिए 12 सालों में लगातार फैसले लिए गए।
पीएम ने कहा कि पहले भारत में 27 देशों से एनर्जी इम्पोर्ट किया जाता था। आज 41 देशों से एनर्जी इम्पोर्ट किया जाता है। हमने कच्चे तेल के भंडार को भी प्राथमिकता दी है। बीते 10 साल में रिफआइनिंग कैपेसिटी भी बढ़ाई गई है। देश को भरोसा देना चाहता हूं कि भारत के पास क्रूड ऑयल की निरंतर सप्लाई की व्यवस्था है। सरकार घरेलू गैस सप्लाई में एलपीजी के अलावा पीएनजी पर भी जोर दे रही है। एलपीजी के घरेलू उत्पादन को भी बढ़ाने का काम जारी है।
