ईरान में विरोध-प्रदर्शन तेज…. ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और यूरोपीय संघ ने संयुक्त बयान में शासन की कड़ी निंदा की

ईरान में जारी विरोध-प्रदर्शन ने अब गंभीर रूप ले लिया है। सड़कों पर जनता का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा हैइसी बीच ईरान की स्थिति को लेकर ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और यूरोपीय संघ ने एक संयुक्त बयान जारी कर ईरानी सरकार की कड़ी आलोचना की है। ग्लोबल अफेयर्स कनाडा की ओर से जारी इस संयुक्त बयान में तीनों देशों के विदेश मंत्रियों ने ईरानी जनता के साहस की सराहना की है। बयान में कहा गया है कि हम ईरानी लोगों की बहादुरी की प्रशंसा करते हैं, जो अपनी गरिमा और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के अपने मौलिक अधिकार के लिए खड़े हैं। संयुक्त बयान में ईरानी शासन द्वारा प्रदर्शनकारियों पर की जा रही कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की गई है। विदेश मंत्रियों ने कहा कि ईरान में प्रदर्शनकारियों की हत्या, हिंसा का प्रयोग, मनमानी गिरफ्तारियां और डराने-धमकाने की रणनीति पूरी तरह निंदनीय है। ईरानी शासन अपने ही लोगों के खिलाफ दमनात्मक रवैया अपना रहा है। तीनों पक्षों ने ईरान से तत्काल अत्यधिक और घातक बल प्रयोग बंद करने की मांग की है।

बयान में कहा गया कि ईरान को तुरंत अपने सुरक्षा बलों, जिनमें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) और बसीज शामिल हैं, द्वारा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक और घातक बल के इस्तेमाल को समाप्त करना चाहिए। संयुक्त बयान के अनुसार अब तक 40 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। विदेश मंत्रियों ने इस बात पर जोर दिया कि ईरानी शासन की जिम्मेदारी है कि वह अपने नागरिकों की रक्षा करे। बयान में कहा गया कि ईरान को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण सभा के अधिकार की अनुमति देनी चाहिए, ताकि लोग किसी भी तरह के प्रतिशोध के डर के बिना अपनी बात रख सकें।

ईरान में जारी प्रदर्शन के बीच शुक्रवार को अधिकारियों ने अशांति को रोकने के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं। इसी बीच, सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने पीछे न हटने की कसम खाई और प्रदर्शनकारियों पर प्रवासी विपक्षी गुट और यूनाइटेड स्टेट्स की तरफ से काम करने का आरोप लगाया। खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों की आलोचना की और उन पर दूसरे देश के राष्ट्रपति को खुश करने के लिए अपनी ही सड़कों पर तबाही का आरोप लगाया। खामेनेई का निशाना ट्रंप पर है, जिन्होंने एक साक्षात्कार में कहा कि अगर ईरानी शासन प्रदर्शन कर रहे लोगों को निशाना बनाता है, तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई करेगा।

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