यूरोप के 6 देशों में शिक्षा-महंगाई पर प्रदर्शन, फ्रांस में आगजनी-लूटपाट, इटली में स्कूलों पर कब्जा किया
यूरोप के 6 देशों में पढ़ाई का बढ़ता खर्च, बेरोजगारी और महंगे घरों के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गए हैं। फ्रांस में प्रदर्शनकारियों ने दुकानों में लूटपाट की और कई सरकारी इमारतों में आग लगा दी। इटली में छात्रों ने कई स्कूलों पर कब्जा कर लिया। ग्रीस में छात्र हॉस्टल की कमी और बढ़ते किराए के विरोध में संसद के सामने टेंट लगाकर बैठे हैं। बेल्जियम और अल्बानिया में भी प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई और गिरफ्तारियां की गईं।
17 अक्टूबर को 140 शहरों में प्रदर्शन हुए। करीब 8 लाख लोग सड़कों पर उतरे। इसमें छात्र संगठनों के साथ ट्रेड यूनियन और कर्मचारी भी शामिल थे।
पेरिस, मार्सेई और बोर्डो समेत कई शहरों में तोड़फोड़ और लूटपाट हुई। लीमोज में 143 साल पुराने ऐतिहासिक सिटी हॉल में आग लगा दी गई और कई गाड़ियों को जला दिया गया। 18 अक्टूबर तक करीब 1800 लोगों को गिरफ्तार किया गया। वहीं, 500 से ज्यादा पुलिसकर्मियों, सुरक्षाकर्मियों और दमकलकर्मियों के घायल होने की खबर है।
प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने हिंसा की निंदा की है। सरकार का कहना है कि कुछ हिंसक समूहों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन का फायदा उठाया।
अल्बानिया में प्रधानमंत्री एदी रामा के खिलाफ कई महीनों से प्रदर्शन चल रहे हैं। शुरुआत में लोग अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर से जुड़ी एक लग्जरी रिसॉर्ट परियोजना का विरोध कर रहे थे।
आरोप था कि दक्षिणी तट पर बनने वाली इस परियोजना से पर्यावरण को नुकसान पहुंच सकता है और इसे लेकर फैसले पारदर्शी नहीं हैं। धीरे-धीरे भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और युवाओं की समस्याएं भी आंदोलन का हिस्सा बन गईं।
