साइको किलर रिटायर्ड फौजी एनकाउंटर में हुआ ढेर, 26 घंटे में 3 लोगों की गोली मार ली थी जान

यूपी के चंदौली स्थित एक निजी अस्पताल में महिला की हत्या कर भाग रहे रिटायर्ड फौजी को वहां के कर्मचारियों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। 50 वर्षीय गुरप्रीत के हावभाव सामान्य नहीं थे। शुरुआती पूछताछ में पता चला कि ट्रेन में हुई दो हत्याएं भी उसी ने की थीं। इतना ही नहीं, सीन रिक्रिएशन के दौरान उसने पुलिस पर भी हमला किया और भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में उसकी मौत हो गई। एनकाउंटर में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए है। सीओ अरुण सिंह ने बताया कि गुरप्रीत अस्पताल में लक्ष्मीना देवी की हत्या करके मौके से भाग रहा था। कर्मचारियों व अन्य लोगों ने उसे दबोच लिया। गुरप्रीत सिंह उर्फ वीरेंद्र की मानसिक हालत ठीक नहीं लग रही थी।

पूछताछ में गुरप्रीत ने तीनों हत्याओं की बात कबूल ली। तीनों वारदात उसने 10-11 किलोमीटर के दायरे में की थीं। तीनों लोगों को कनपटी पर गन सटाकर गोली मारी गई थी। हालांकि, उसने ऐसा क्यों किया, यह साफ नहीं हो सका। गुरप्रीत अमृतसर का रहने वाला था। आरा में वह कुछ दिनों पहले तक गार्ड की नौकरी करता था। उसके कब्जे से दो पिस्टल बरामद हुई हैं, जिनमें एक लाइसेंसी और दूसरी अवैध है। अस्‍पताल में गोली चलने के बाद वहां मरीजों और तीमारदारों के बीच अफरातफरी मच गई। हमलावर ने भागने की कोशिश की, लेकिन लोगों ने हिम्‍मत कर उसको पकड़ लिया। गुरप्रीत को लोगों ने जमकर धुना और उसे पुलिस को सौंप दिया।