अविश्वास नहीं, जनता के विश्वास का अपमान है विपक्ष का प्रस्ताव: सीएम विष्णुदेव साय
छत्तीसगढ़ विधानसभा में कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव पर आधी रात तक चर्चा चली. पक्ष विपक्ष के करीब 18 विधायकों ने चर्चा में हिस्सा लिया. इसके बाद देर रात ध्वनिमत से विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव गिर गया. रात लगभग 2 बजकर 36 मिनट तक सदन की कार्यवाही चली. सदन में विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के बाद सीएम साय ने मीडिया से चर्चा की. उन्होंने बताया “हमारे मंत्रियों और विधायकों ने बहुत अच्छे से कांग्रेस का पर्दाफाश किया. उनके अविश्वास प्रस्ताव में कोई दम नहीं था, लचर था. ऐसा लगा कि ढाई साल हो गया है तो मजबूरी में अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए थे. हमने भी ढाई साल की उपलब्धि पूरे सदन को बताते हुए अवसर का लाभ उठाया. निश्चित रूप से इस अविश्वास प्रस्ताव की चर्चा के माध्यम से कांग्रेस की विफलता और सरकार की उपलब्धि जनता के बीच जाएगी.”
सीएम साय ने कांग्रेस के ढाई ढाई साल पर भी बयान दिया. सीएम ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में सीएम के ढाई ढाई साल की बात हुई थी. हमने सुना था कि पहले ढाई साल भूपेश बघेल मुख्यमंत्री रहेंगे और अगले ढाई साल टीएस सिंहदेव सीएम बनेंगे. लेकिन टीएस बाबा को अवसर नहीं मिला और मुख्यमंत्री अपनी कुर्सी बचाने के लिए दिल्ली दौड़ लगाते रहे. महाराजा टीएस सिंहदेव भी मुख्यमंत्री पद के लिए बार बार दिल्ली जाते रहे. पांच साल तक इनकी कुर्सी की लड़ाई चलती रही, जिसका खामियाजा छत्तीसगढ़ की जनता को भुगतना पड़ा. विश्वास के साथ प्रदेश की जनता ने बहुत बड़ा जनादेश कांग्रेस पार्टी को सौंपा था. इनके 68 विधायक थे लेकिन पांच साल में कांग्रेस ने जनता के साथ विश्वासघात किया इसलिए 2023 के विधानसभा चुनाव में सत्ता से बाहर होना पड़ा.
सीएम ने आगे कहा कि साल 2000 में बहुमत के आधार पर कांग्रेस की सरकार बनी, उस समय अजीत जोगी मुख्यमंत्री बने और तीन साल में जनता का जो हाल हुआ तो 15 साल कांग्रेस सरकार से वंचित रही. पिछले बार 5 साल प्रदेश की जनता परेशान रही है तो निश्चित रूप से आने वाले 25 साल तक कांग्रेस शासन में आने वाली नहीं है.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधानसभा में विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि यह प्रस्ताव सरकार के विरुद्ध नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता के विश्वास के विरुद्ध है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में जनता ने भारतीय जनता पार्टी को 54 सीटों का स्पष्ट जनादेश दिया, लोकसभा चुनाव में 11 में से 10 सीटों पर विजय दिलाई और प्रदेश के अधिकांश नगरीय निकायों में भी भाजपा के पक्ष में जनादेश दिया. ऐसे में विपक्ष का यह अविश्वास प्रस्ताव जनता के निर्णय का ही अपमान है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष यह बताए कि उसका अविश्वास आखिर किस पर है. क्या उन लगभग 25 लाख किसानों पर, जिन्हें भाजपा सरकार ने 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी का लाभ दिया? क्या उन 70 लाख से ज्यादा माताओं-बहनों पर, जिन्हें महतारी वंदन योजना के माध्यम से हर माह एक हजार रुपये की सम्मान राशि मिल रही है? या उन करोड़ों प्रदेशवासियों पर, जिन्होंने विकास, सुशासन और विश्वास की राजनीति को अपना समर्थन दिया है.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता का विश्वास पहले ही खो चुकी है. जनता ने 5 वर्षों तक उनके शासन को परखा और सत्ता से बाहर कर दिया.आज वही कांग्रेस जनता द्वारा चुनी गई सरकार पर अविश्वास जताकर अपनी राजनीतिक हताशा और नैतिक पराजय का परिचय दे रही है. सीएम साय ने कहा कि उनकी सरकार का ढाई वर्षों का हर दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारने के लिए समर्पित रहा है. सरकार ने चुनाव के दौरान किए गए ज्यादा प्रमुख वादों को पूरा किया है और विकास और सुशासन को प्राथमिकता देते हुए हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया है.
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही किसानों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लिए. लगभग 25 लाख किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की गई और दो वर्षों के बकाया बोनस के रूप में 3716 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया. सिंचाई क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जहां पिछली सरकार के कार्यकाल में प्रतिवर्ष औसतन लगभग 9,600 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता बढ़ी, वहीं वर्तमान सरकार के कार्यकाल में यह बढ़कर लगभग 19,500 हेक्टेयर प्रतिवर्ष हो गई है. केवल दो वर्षों में 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक की सिंचाई परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई.
ग्रामीण विकास के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा के साथ-साथ वीबी-जी रामजी योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण को नई गति मिली है.
अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को बैंकिंग, प्रमाण पत्र, पेंशन सहित अनेक सेवाएं गांव में ही उपलब्ध हो रही हैं. हस्तशिल्प और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर छत्तीसगढ़ के उत्पादों के शोरूम स्थापित किए जा रहे हैं.
महिला सशक्तिकरण को सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 70 लाख महिलाओं को 18 हजार 800 करोड़ रुपये से अधिक की सम्मान राशि प्रदान की जा चुकी है। प्रदेश में 10 लाख 40 हजार से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी बनाया गया है.
महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन को प्रोत्साहित करने के लिए रजिस्ट्री शुल्क में 50 प्रतिशत तथा स्टाम्प शुल्क में एक प्रतिशत की छूट दी गई है, जिससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और स्वामित्व दोनों मजबूत हुए हैं.
