पंजाब की सुरक्षा में लगी सेंध! गुरदासपुर में सेकेंड लाइन ऑफ डिफेंस में तैनात दो पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या
भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट दोरांगला सेक्टर में स्थित पुलिस चेक पोस्ट पर दो पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या करने के मामले के बाद पूरे सूबे में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। गांव आधियां स्थित चौकी के भीतर दोनों के शव खून से लथपथ हालत में मिले थे। पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतकों की पहचान असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (कमांडो) गुरनाम सिंह और होमगार्ड अशोक कुमार के रूप में हुई है। दोनों रात की ड्यूटी पर तैनात थे। प्रारंभिक जांच में उनके शरीर पर गोली लगने के निशान पाए गए हैं। मौके से पुलिस को छह खाली खोल भी बरामद हुए हैं, जिससे अंदेशा है कि हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की।
सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान मौके पर पहुंच गए। पूरे इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। फॉरेंसिक और तकनीकी टीमें घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और मोबाइल लोकेशन डाटा खंगाला जा रहा है। पंजाब सरकार ने एएसआई गुरनाम सिंह और पीएचजी अशोक के परिवार को एक-एक करोड़ रुपये देने का एलान किया है। सीएम भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर कहा कि उनकी बहादुरी और सर्वोच्च कुर्बानी को सलाम, जिन्होंने ड्यूटी के दौरान अपनी जान वार दीं। पंजाब सरकार उनके परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये की एक्सग्रेशिया राशि प्रदान करेगी, जबकि एचडीएफसी बैंक की ओर से 1-1 करोड़ रुपये की अतिरिक्त बीमा राशि दी जाएगी। हम अपने शहीदों और उनके परिवारों के साथ मजबूती से खड़े हैं। उनकी कुर्बानी हमें सभी को सम्मान और बहादुरी से ड्यूटी निभाने के लिए प्रेरित करती है।
अधिकारियों के अनुसार, यह चौकी पंजाब पुलिस द्वारा बीएसएफ के साथ समन्वय में संचालित की जाती है और इसे सुरक्षा की दूसरी पंक्ति माना जाता है। घटनास्थल भारत-पाक सीमा से लगभग दो किलोमीटर दूर है, जिससे मामले की संवेदनशीलता और बढ़ गई है। प्रारंभिक स्तर पर जांच एजेंसियां कई एंगल पर पड़ताल कर रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक आशंका है कि देर रात सीमा पार से ड्रोन के जरिए गिराई गई किसी अवैध खेप को उठाने पहुंचे संदिग्धों का सामना पुलिसकर्मियों से हुआ हो सकता है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। संगठित तस्करी नेटवर्क, आपराधिक गिरोह और संभावित घुसपैठ की संभावना भी जांच के दायरे में है।
एएसआई गुरनाम सिंह गुरदासपुर में दीनानगर के गांव गादरी के रहने वाले थे। उनके परिवार में 2 बेटियां और एक बेटा है। इनमें से एक बेटी करीब 2 महीने पहले ही विदेश गई है। जबकि एक बेटी और बेटा यहीं पर पढ़ाई कर रहे हैं। उनकी पत्नी गृहिणी हैं।
मामले की हर दिशा में गहन जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। अभी तक किसी संदिग्ध की गिरफ्तारी नहीं हुई है। मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है।
पंजाब पुलिस के दो कर्मियों की हत्या पर शिरोमणि अकाली दल ने चिंता जाहिर की है। अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि सीमावर्ती जिले में इस तरह की घटना कई तरह के सवाल खड़े करती है। इन हत्याओं पर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं जबकि इनकी गंभीरता से जांच करने की आवश्यकता है। मजीठिया ने कहा कि इस घटना की सीबीआई जांच करवाई जानी चाहिए। इस तरह की घटनाओं को रोकने में आप सरकार असफल रही है इसलिए जवाबदेही तय की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की है कि डीजीपी को तुरंत प्रभाव से इस्तीफा देना चाहिए।
