पंजाब : AAP के बड़े नेता के साथ वेडिंग फ्रॉड, महिला ने PCS अफसर बनकर की शादी, फिर कैश और जेवर लेकर फरार

चंडीगढ़ : फ़तेहगढ़ साहिब पुलिस ने तरनतारन की एक महिला और उसके पांच रिश्तेदारों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि महिला ने खुद को पंजाब सिविल सर्विस (PCS) अफसर बताया। उसने अपनी पिछली शादी की बात भी छिपाई। महिला ने आम आदमी पार्टी (AAP) के एक पदाधिकारी से शादी की और उन्हें धोखा दिया। पुलिस ने बताया कि भिखीविंड के एक गांव की रहने वाली यह महिला कथित तौर पर 27 अगस्त को 14 तोला सोने के गहने और 1 लाख रुपये नकद लेकर अपने ससुराल से चली गई थी।

शिकायतकर्ता अमरिंदर सिंह मंडोफल (33) AAP पंजाब के संयुक्त सचिव, जिला परिषद सदस्य और सरहिंद मार्केट कमेटी के चेयरमैन हैं। उन्होंने इस साल 10 फरवरी को शादी की थी। शादी समारोह में पंजाब विधानसभा के स्पीकर और एक कैबिनेट मंत्री समेत AAP के वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे।

FIR के मुताबिक, महिला ने दावा किया था कि वह जालंधर में तैनात एक एग्जीक्यूटिव PCS अफसर है और बाद में कहा कि उसे मोहाली में एडिशनल डिप्टी कमिश्नर का चार्ज मिला है। आरोप है कि उसने सरकारी तैनाती के फर्जी ऑर्डर भेजे और इंस्टाग्राम पर खुद को PCS अफसर बताने वाली प्रोफाइल बनाई। पुलिस ने बताया कि उसके परिवार ने तरनतारन में 40 एकड़ जमीन की मालकियत का दावा किया था और मंडोफल को बताया था कि उसके माता-पिता दोनों की मौत हो चुकी है, जबकि उसकी मां जिंदा थी। पुलिस के अनुसार, शादी के निमंत्रण पत्र पर उसके माता-पिता के नामों के आगे लेट (स्वर्गीय) लिखा हुआ था।

मंडोफल को शक तब हुआ जब महिला बार-बार सरकारी ड्यूटी का बहाना बनाकर घर से जाने लगी और बाद में दावा किया कि उसे सस्पेंड कर दिया गया है। जब उन्होंने कानूनी कार्रवाई के लिए उसके सस्पेंशन ऑर्डर मांगे, तो वह कथित तौर पर घर छोड़कर चली गई। बाद में जांच करने पर पता चला कि उसने अपनी जन्मतिथि 18 जून 1992 दिखाने के लिए अपना 10वीं का सर्टिफिकेट, पैन कार्ड और दूसरे पहचान दस्तावेज फर्जी तरीके से बनवाए थे। खबरों के मुताबिक, उसके असली दस्तावेजों में जन्मतिथि 18 जून 1980 दर्ज थी।

मंडोफल ने पुलिस को बताया कि महिला ने 2007 में किसी और व्यक्ति से शादी की थी, उसका 18 साल का बेटा है और उसने कोर्ट के बाहर 35 लाख रुपये का तलाक समझौता किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि शादी से पहले उनसे ये बातें छिपाई गई थीं। आरोप है कि उनके परिवार ने मंडोफल को धमकी दी कि अगर वह कोर्ट के बाहर समझौता करने के लिए 50 लाख रुपये देने को तैयार नहीं हुए, तो उन्हें दहेज और घरेलू हिंसा के झूठे मामलों में फंसा दिया जाएगा।

स्टेशन हाउस ऑफिसर इंस्पेक्टर रूपिंदर सिंह ने बताया कि सोमवार रात भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 318(4), 336(3), 338, 340(2) और 61(2) के तहत धोखाधड़ी, जालसाजी, नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल और आपराधिक साजिश के लिए FIR नंबर 240 दर्ज की गई। आरोपियों में मंडोफल की पत्नी, उनका भाई, मां, भाभी, चचेरा भाई और गांव के पूर्व सरपंच शामिल हैं। इंस्पेक्टर रूपिंदर सिंह ने कहा कि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और जांच चल रही है। बार-बार कोशिश करने के बावजूद मंडोफल से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।