पुतिन के सबसे ‘करीबी’ दोस्त, यूक्रेन के कब्जे में बदले में जेलेंस्की मांग रहे अपने लोगों की रिहाई

अंतरराष्ट्रीय

Russia-Ukraine War: रूस के साथ जारी जंग के बीच यूक्रेन ने विपक्षी नेता विक्टर मेदवेदचुक को हिरासत में लेने का दावा किया है. यूक्रेन की खुफिया एजेंसी SBU ने कुछ तस्वीरें भी जारी की हैं, जिसमें मेदवेदचुक हथकड़ी पहने नजर आ रहे हैं. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भी मेदवेदचुक के पकड़े जाने की बात कही है. मेदवेदचुक को रूस समर्थक नेता माना जाता है. उन्हें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का करीबी भी बताया जाता है.

विक्टर मेदवेदचुक को पिछले साल देशद्रोह के आरोप में नजरबंद कर लिया गया था. मेदवेदचुक इसी साल फरवरी के आखिर में भाग गए थे. अब उन्हें यूक्रेन ने फिर से हिरासत में लेने का दावा किया है. यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने मेदवेदचुक की रिहाई के बदले यूक्रेनी नागरिकों और सैनिकों को छोड़ने का प्रस्ताव रखा है.

रूस के राष्ट्रपति भवन क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव का कहना है कि उन्होंने मेदवेदचुक को हिरासत में लिए जाने की तस्वीरें देखीं हैं. हालांकि, उन्होंने उनके हिरासत में लिए जाने की पुष्टि नहीं की. उनका कहना है कि कई सारी फर्जी खबरें चल रहीं हैं, इसलिए ये नहीं कहा जा सकता कि इस तस्वीर में कितनी सच्चाई है.

विक्टर मेदवेदचुक यूक्रेन के सांसद रहे हैं और विपक्षी पार्टी फॉर लाइफ (For Life) के नेता हैं. फॉर लाइफ को रूस समर्थित माना जाता है. फॉर लाइफ उन 11 राजनीतिक पार्टियों में से एक है, जिस पर जेलेंस्की ने पिछले महीने रूस का समर्थक होने के कारण प्रतिबंध लगा दिया था. मेदवेदचुक को पुतिन का करीबी कहा जाता है.

रूस में जन्मे, वकालत की, अरबपति भी हैं

विक्टर मेदवेदचुक का जन्म 7 अगस्त 1954 को रूस के क्रेस्नोयार्स्क क्राई में हुआ था. 1960 के दशक में मेदवेदचुक का परिवार यूक्रेन लौट आया. 1972 में मेदवेदचुक ने कीव रेलरोड पोस्ट ऑफिस में काम करना शुरू किया. 1978 में मेदवेदचुक ने वकालत की पढ़ाई पूरी की. मेदवेदचुक ने कई सालों तक वकालत की. 1990 से 1997 तक मेदवेदचुक यूक्रेन बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रहे.

यूनिवर्सिटी में ट्रेनिंग के दौरान मेदवेदचुक पुलिस की अपराधियों को पकड़ने में मदद किया करते थे. एक बार उन्होंने पुलिस वालों के साथ मिलकर एक नाबालिग लड़के की पिटाई कर दी थी. इस मामले में उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया था. हालांकि, सबूतों के अभाव में उन्हें बरी कर दिया गया था.

मेदवेदचुक यूक्रेन के अरबपतियों में से एक हैं. फोर्ब्स के मुताबिक, पिछले साल तक उनकी नेटवर्थ 620 मिलियन डॉलर (करीब साढ़े 4 हजार करोड़ रुपये) की नेटवर्थ थी. मेदवेदचुक यूक्रेन में तीन टीवी चैनलों के मालिक भी हैं. हाल ही में यूक्रेन ने इन चैनलों पर रूस के समर्थन में प्रोपेगैंडा फैलाने पर रोक लगा दी.

पुतिन के सबसे ‘करीबी’ दोस्त

विक्टर मेदवेदचुक और रूसी राष्ट्रपति पुतिन दोनों एक-दूसरे के ‘करीबी दोस्त’ हैं. दोनों पहली बार 2003 में मिले थे. 2004 में मेदवेदेव की दूसरी बेटी हुई. उसका नाम डायरा था. मेदवेदेव कई मौकों पर कहते हैं कि पुतिन उनकी छोटी बेटी डायरा के ‘गॉडफादर’ हैं.

मेदवेदचुक ने तीन शादियां की हैं. उनकी पहली दो पत्नियां मरीना लेबेदेवा और नाताल्या गेवरील्यूक से उनका तलाक हो चुका है. उन्होंने 2003 में टीवी एंकर ओक्साना मारशेन्को से शादी की थी.

मेदवेदचुक को पुतिन के इनर सर्कल का हिस्सा भी माना जाता है. पश्चिमी मीडिया में ऐसी भी खबरें थीं कि अगर पुतिन यूक्रेनी राष्ट्रपति को हटाकर मेदवेदचुक को राष्ट्रपति नियुक्त कर सकते हैं.

यूक्रेन के सांसद बने, लेकिन सालों तक राजनीति से दूर रहे

मेदवेदचुक का राजनितिक सफर 1994 से शुरू हुआ. उस समय उन्होंने सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ यूक्रेन ज्वॉइन की. 1997 में मेदवेदचुक पहली बार यूक्रेन की संसद पहुंचे. 2002 में दूसरी बार सांसद चुने गए. मेदवेदचुक यूरोपियन यूनियन के आलोचक रहे हैं.

2004 में यूक्रेन में जब ऑरेंज रिवॉल्यूशन हुआ, उसके बाद मेदवेदचुक राजनीति से दूर हो गए. 2006 के चुनावों में उनकी पार्टी एक भी सीट नहीं जीत सकी. 2018 में मेदवेदचुक राजनीतिक पार्टी फॉर लाइफ के चेयरमैन नियुक्त किए गए. 2019 के चुनाव में फॉर लाइफ ने 37 सीटें जीतीं. मेदवेदचुक फिर से सांसद बने.

देशद्रोह का आरोप, नजरबंद किए गए

19 फरवरी 2021 को यूक्रेन की डिफेंस सिक्योरिटी काउंसिल ने मेदवेदचुक और उनकी पत्नी ओक्साना पर प्रतिबंध लगा दिया. दोनों पर यूक्रेन में टेरर फंडिंग करने का आरोप लगा था. इस मामले में मेदवेदचुक को देशद्रोह का दोषी पाया गया. मई 2021 में उन्हें नजरबंद कर लिया गया.

24 फरवरी को रूस ने जब यूक्रेन के खिलाफ जंग छेड़ी तो तीन दिन बाद ही 27 फरवरी को मेदवेदचुक गायब हो गए. यूक्रेन के गृह मंत्रालय ने दावा किया कि मेदवेदचुक फरार हो गए हैं, जबकि उनके वकील ने कहा कि वो कीव में सेफ जगह पर चले गए हैं.

12 अप्रैल को यूक्रेन की खुफिया एजेंसी SBU ने मेदवेदचुक को हिरासत में लेने का दावा किया. यूक्रेन की खुफिया एजेंसी और राष्ट्रपति जेलेंस्की ने मेदवेदचुक की जो तस्वीरें शेयर की हैं, उसमें वो यूक्रेनी सेना की वर्दी पहने नजर आ रहे हैं.