‘खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं’; डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का मैसेज
आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा से डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के एक दिन बाद शुक्रवार (3 अप्रैल) को सांसद Raghav Chadha ने सुबह 10 बजे अपने एक्स अकाउंट से एक वीडियो संदेश जारी किया है। इसमें उन्होंने कहा है- ‘खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं।’ राघव ने अपने वीडियो में आम आदमी और आम आदमी पार्टी दोनों को ही संदेश दिया है। राघव ने कहा, जब भी मुझे संसद में बोलने का मौका मिलता है, तो मैं जनता के मुद्दे उठाता हूं। और शायद ऐसे मुद्दे जो संसद में आमतौर पर नहीं उठाए जाते। लेकिन क्या जनता की समस्याओं पर, सार्वजनिक मुद्दों पर बात करना कोई अपराध है? क्या मैंने कोई जुर्म या गलती की है?
राघव ने आगे कहा, क्या मैंने कुछ गलत किया है? आज मैं यह सवाल इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को बता दिया है कि राघव चड्डा को संसद में बोलने न दिया जाए। हां, आम आदमी पार्टी ने संसद को सूचित कर दिया है कि उन्हें बोलने का मौका न दिया जाए। अब कोई मुझे क्यों रोकना चाहेगा?
जब भी मैं इस देश की जनता की बात करता हूं, जैसे एयरपोर्ट पर महंगा खाना, डिलीवरी राइडर्स की जोमैटो-ब्लिंकिट से परेशानी, उनके खाने में चीजें मिलाना, टोल प्लाजा लूट, बैंक चार्जेस की लूट, कंटेंट क्रिएटर्स पर मिडिल क्लास का टैक्स बोझ, टेलीकॉम कंपनियां 12 महीने में 13 बार रिचार्ज करा सकती हैं, डेटा रोलओवर न दें, रिचार्ज खत्म होते ही इनकमिंग बंद कर दें, ये सारे मुद्दे मैंने सदन में उठाए। इन मुद्दों को उठाने के बाद आम आदमी पार्टी को फायदा हुआ है, लेकिन इससे पार्टी को क्या नुकसान हुआ? कोई मुझे बोलने से क्यों रोकना चाहेगा? या मेरी आवाज क्यों बंद करना चाहेगा? खैर, आप सब मुझे असीम प्यार देते हैं। जब भी मैं आपके मुद्दे उठाता हूं, आप मुझे समर्थन और प्रोत्साहन देते हैं, मेरा हौसला बढ़ाते हैं। मैं बस आपको धन्यवाद देना चाहता हूं। इसी तरह… कृपया मेरा हाथ थामे रखें, इसे मत छोड़ें।
Silenced, not defeated
My message to the ‘aam aadmi’
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खामोश करवाया गया हूँ, हारा नहीं हूँ‘आम आदमी’ को मेरे संदेश pic.twitter.com/poUwxsu0S3
— Raghav Chadha (@raghav_chadha) April 3, 2026
मैं आपके साथ हूं। और आपके लिए जिन्होंने आज मेरे संसद में बोलने के अधिकार को छीन लिया है और मुझे खामोश कर दिया है, मैं उनसे एक बात कहना चाहता हूं- मेरी खामोशी को हार मत समझिए।
