राहुल गांधी ने यूएस डील को बताया ‘होलसेल सरेंडर’, रिजिजू का जवाब- कोई माई का लाल पैदा नहीं हुआ जो…
लोकसभा में एक दिन पहले बजट पर चर्चा शुरू हुई थी. सदन में बजट पर चर्चा का आज दूसरा दिन है. लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने चीन से यूएस डील तक, सरकार को जमकर घेरा. उन्होंने अमेरिका के साथ डील को होलसेल सरेंडर बताया और एपस्टीन फाइल्स का भी उल्लेख करते हुए सरकार को कठघरे में खड़ा किया. राहुल गांधी ने अपनी बात मार्शल आर्ट के दांव-पेंच से शुरू की और कहा कि आज दुनिया अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है. इस फाइट के केंद्र में एआई का कॉन्सेप्ट है. हर कोई कह रहा है कि ये युग एआई का है. उन्होंने वैश्विक बदलावों का भी जिक्र किया. राहुल गांधी के संबोधन के दौरान लोकसभा में जोरदार हंगामा भी हुआ. इसके बाद कांग्रेस के सदस्य सदन से वॉकआउट कर गए.
लोकसभा में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया, जिसमें उन्होंने भारत-अमेरिका ट्रेड डील, अडानी कंपनी और देश बेचने के आरोप लगाए. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल से आरोपों के सबूत मांगे और देश की मजबूती पर जोर दिया. इस बहस ने संसद में राजनीतिक तनाव बढ़ा दिया.
लोकसभा में बुधवार को नेता विपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला किया. राहुल ने इंडिया-यूएस ट्रेड डील का जिक्र कर कहा कि हमारे किसान अमेरिकी मैकेनाइज्ड खेती के सामने तूफान का सामना करने जा रहा है. सरकार ने अमेरिका के सामने सरेंडर कर दिया है और ऐसा करने में सरकार को शर्म नहीं आती है.
राहुल गांधी ने कहा, “पीएम की आंखों में डर दिखता है. इसकी दो वजहें हैं- एक एपस्टीन.” इस पर पीठासीन ने टोका. राहुल गांधी ने कहा कि सेंटर का डिफेंस बजट पर चोक दिखता है और वह हैं मिस्टर अडानी. अडानी एक साधारण बिजनेसमैन नहीं हैं और ना ही उनकी कंपनी साधारण कंपनी है. उनकी कंपनी पर अमेरिका में केस है, इसका टार्गेट पीएम हैं अडानी नहीं. यह कंपनी बीजेपी का फाइनेंशियल स्ट्रक्चर है.
