Railway Rule: सावधान! ट्रेन के सफर में किया ये काम… तो जुर्माने के साथ जेल होगी

बात आरामदायक और किफायती सफर की होती है, तो फिर सबसे आगे भारतीय रेलवे रहती है. करोड़ों लोग हर रोज इससे सफर करते हैं, लेकिन अक्सर यात्री कुछ बेवजह ऐसी गलतियां कर देते हैं, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है. इनमें चेन पुलिंग शामिल है, ऐसे में इससे जुड़े रेलवे के नियम जान लेना जरूरी है. अक्सर देखने को मिलता है यात्रियों द्वारा बिना उचित कारण अलार्म चेन पुलिंग करने से न केवल गाड़ियां देरी से चलती हैं, बल्कि रेलवे को भारी नुकसान का सामना भी करना पड़ता है. रेलवे की ओर से आए दिन इसे लेकर अलर्ट किया जाता रहता है कि अगर जरूरी कारण न हो तो ट्रेन के सफर में चेन पुल्लिंग करने की कोशिश न करें, इससे आपको भारी जुर्मान तो देना ही पड़ सकता है, बल्कि जेल की हवा भी खा सकते हैं. हाल ही में फिर से नॉर्दर्न रेलवे ने सोशल मीडिया के जरिए यात्रियों को ये काम न करने की सलाह दी है.

Northern Railway की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नया पोस्ट किया गया है और इसमें चेतावनी देते हुए अलर्ट किया गया है कि,’यात्री ट्रेन के सफर के दौरान बिना किसी जरूरी वजह के चेन खींचता है, तो इसके बुरे परिणाम हो सकते हैं.’ रेलवे की ओर से कहा गया है कि उसके ऊपर भारी जुर्माना या जेल की सजा हो सकती है या फिर दोनों एक्शन लिए जा सकते हैं.

नॉर्दर्न रेलवे ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में जुर्माने और जेल के प्रावधानों के बारे में बताते हुए साफ कहा है कि रेल यात्रा में ट्रेन में सवार दूसरे यात्रियों की यात्रा में बिना वजह देरी का कारण न बनें, सभी के समय का सम्मान करें. चेन खींचने से पहले हमेशा सोचें!

भारतीय रेलवे द्वारा तय किए गए नियमों पर गौर करें, तो ट्रेन में बिना किसी वैध कारण के अलार्म चेन खींचना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है. अगर किसी यात्री के द्वारा ये काम किया जाता है, तो उचित और पर्याप्त कारण सामने न आने की स्थिति में भारतीय रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 141 के तहत इसे दंडनीय अपराध माना जाता है और इसके लिए एक वर्ष तक की जेल या 1000 रुपये का जुर्माना या फिर दोनों हो सकते हैं.

रेलवे के मुताबिक, अलार्म चेन खींचना (ACP) पूरे भारत में रेल सेवाओं के विलंब के प्रमुख कारणों में से एक माना जाता है. किसी भी ट्रेन का असामान्य ठहराव न सिर्फ उस ट्रेन की समयबद्धता को प्रभावित करता है, बल्कि उसके पीछे चलने वाली सभी ट्रेनों को भी प्रभावित करता है और रेल यात्रियों का समय भी बर्बाद होता है.

Indian Railway के मुताबिक, किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों को संबंधित कोच के प्रभारी ट्रैवलिंग टिकट परीक्षक यानी TTE को पहले सूचित करना चाहिए. इसके साथ ही रेल यात्रियों को रेल सहायता हेल्पलाइन 139 पर संपर्क करना चाहिए. इससे रेल संबंधी सभी शिकायतों और समस्याओं का एक ही स्थान पर समाधान हो जाता है. इसके अलावा RailMadad ऐप के जरिए भी मदद ली जा सकती है.

आमतौर पर कुछ विशेष परिस्थितियों में ट्रेन की अलार्म चेन खींची जा सकती है. इनमें यात्री की जान को कोई खतरा हो, जैसे गिरने की स्थिति में दुर्घटना टालने के लिए. या फिर 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों या 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति का ट्रेन में न चढ़ पाने की स्थिति में ऐसा किया जा सकता है.