रायपुर NIT चौपाटी विवाद, कांग्रेसियों ने घेरा थाना, विधायक मूणत के पोस्टर पर कालिख पोती, FIR दर्ज करने पर विरोध
छत्तीसगढ़ : रायपुर में विधायक मूणत के पोस्टर पर कालिख पोतने का मामला बढ़ता जा रहा है। NIT चौपाटी की शिफ्टिंग के विरोध में युवा कांग्रेसियों ने विधायक राजेश मूणत के पोस्टर में कालिख लगा दी थी जिसके बाद पुलिस ने जिलाध्यक्ष समेत कार्यकर्ताओं पर FIR दर्ज किया था। FIR के विरोध में यूथ कांग्रेस और NSUI ने हल्ला बोल दिया है. यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई ने सरस्वती नगर थाने का घेराव कर हंगामा किया.
प्रदर्शनकारियों ने 7 दिनों के भीतर उच्चस्तरीय जांच समिति बनाने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि कार्रवाई न होने पर वे मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे. पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा है कि दो दिनों के भीतर दस्तावेजों के साथ बड़ा खुलासा करेंगे. चौपाटी तोड़ने के पीछे भाजपा सरकार की मंशा संदिग्ध है. NIT चौपाटी की शिफ्टिंग के विरोध में युवक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीते दिनों विधायक राजेश मूणत के होर्डिंग पर कालिख पोती थी. पुलिस ने इस मामले में यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष सहित कई कार्यकर्ताओं पर FIR दर्ज कर गिरफ्तारी की, जिसे विपक्ष ने राजनीतिक दबाव बताया.
सरस्वती नगर थाना घेरने पहुंचे सैकड़ों कांग्रेस और NSUI कार्यकर्ताओं ने चौपाटी विवाद में शामिल अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की जांच की मांग की. हंगामे की आशंका को देखते हुए थाने के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था. विकास उपाध्याय ने सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि यह चौपाटी जनता के टैक्स के पैसे से बनी थी. भाजपा सरकार ने एक दिन में सब तोड़ दिया यह तुगलक शाही रवैया है. फर्जी FIR कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने यह भी दावा किया कि चौपाटी को सभी विभागों से अनुमति मिली थी. मास्टर प्लान और कलेक्टर की अनुमति के आधार पर निर्माण हुआ था. भाजपा सरकार सत्ता में आते ही नालंदा-2 के नाम पर सब तोड़ने में जुट गई.
एडिशनल एसपी ने कहा कि पोस्टर विवाद मामले में पांच लोगों की गिरफ्तारी हुई थी, जिन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया है. जांच जारी है और आगे की कार्रवाई की जाएगी.
