राजनांदगांव धर्मांतरण…अमेरिका में पढ़ाता था डेविड, संदिग्ध किताबें, प्रशिक्षण सामग्री, ‘पॉल’ जैसे कोड मिले

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में पुलिस ने धर्मांतरण नेटवर्क का खुलासा होने के बाद जांच तेज कर दी है। जिला मुख्यालय से मात्र 9 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत धर्मापुर में संचालित आश्रम में नाबालिग बच्चों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था। मामला लालबाग थाना क्षेत्र का है। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी डेविड चाको पहले अमेरिका में पढ़ाता था और भारत लौटने के बाद उसे बड़ी रकम मिली। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह पैसा किस रास्ते भारत आया, किन खातों में जमा हुआ और डॉलर को रुपए में कैसे बदला गया। संदेह है कि इस रकम का इस्तेमाल स्थानीय स्तर पर धर्मांतरण की गतिविधियों में किया गया।

पुलिस को आश्रम और चर्च से कई संदिग्ध पुस्तकें और प्रशिक्षण सामग्री भी मिली हैं। इन सामग्री में इस्तेमाल कोड और प्रचार के तरीकों की विशेषज्ञों से जांच कराई जा रही है। दिसंबर 2025 में ग्राम पनेका में चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित किया गया था, जिसमें अन्य जिलों से अधिकारी शामिल हुए थे। प्रशिक्षण में जमीनी कार्यकर्ताओं को ‘पॉल’ जैसे नाम दिए गए और भुगतान ट्रैवल वाउचर के जरिए किया गया। 8 जनवरी को ग्राम धर्मापुर से लिखित शिकायत मिली थी कि आश्रम में नाबालिग बच्चों को रखा गया है और धर्मांतरण की गतिविधियां हो रही हैं। SP अंकिता शर्मा और टीम ने कार्रवाई करते हुए बच्चों को CWC के हवाले कर दिया।

छापेमारी में सोलर-आधारित प्रोजेक्टर्स, लैपटॉप, टैबलेट, प्रीमियम मोबाइल फोन और फाइनेंशियल रिकॉर्ड जब्त किए गए। इन प्रोजेक्टर्स और डिजिटल दस्तावेजों का इस्तेमाल ब्रेनवॉश करने के लिए किया जाता था। राजनांदगांव SP अंकिता शर्मा ने कहा कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है और सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।