‘कांतारा’ विवाद को लेकर रणवीर सिंह को फटकार, हाईकोर्ट ने कहा-सेलिब्रिटी होने से धार्मिक भावनाएं आहत करने का अधिकार नहीं

कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार को एक्टर रणवीर सिंह को ‘कांतारा’ विवाद मामले में फटकार लगाते हुए कहा कि आपको अपने बयानों में जिम्मेदार होना चाहिए। सिर्फ सेलिब्रिटी होने के कारण उन्हें किसी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने एक्टर से यह भी कहा कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में जाते समय उन्हें अपने शब्दों और व्यवहार में सावधानी बरतनी चाहिए। ढीली-ढाली भाषा बिल्कुल नहीं चल सकती। आप रणवीर सिंह हों या कोई।

वहीं, कोर्ट ने रणवीर को अंतरिम राहत भी दी और राज्य सरकार को निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई न की जाए। मामले की अगली सुनवाई सोमवार, 2 मार्च को होगी। रणवीर सिंह की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट साजन पूवैय्या ने कोर्ट में शुरुआत में ही एक्टर की टिप्पणी को पूरी तरह असंवेदनशील बताते हुए दुख जताया। उन्होंने कहा कि रणवीर का उद्देश्य किसी की धार्मिक भावनाएं आहत करना नहीं था।

वहीं, सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा, “आप एक एक्टर हैं, कई लोग आपसे प्रभावित होते हैं। इसलिए जिम्मेदारी जरूरी है। मिमिक्री करना अलग बात है, लेकिन किसी की धार्मिक भावनाएं आहत करने का अधिकार नहीं। माफी से क्या शब्द वापस आ जाएंगे? हम भूल सकते हैं, लेकिन इंटरनेट नहीं भूलता।”

सुनवाई के दौरान रणवीर के वकील ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 196, 299 और 302 के तहत दर्ज FIR को चुनौती देते हुए तर्क दिया कि इन धाराओं के लिए ‘मेन्स रीया’ यानी जानबूझकर की गई मंशा का होना आवश्यक है। कोर्ट ने साफ किया कि वह इस पहलू की विस्तृत जांच अगली सुनवाई में करेगा, साथ ही यह भी कहा कि यह कृत्य जानबूझकर था या अज्ञानता, इसकी जांच होगी।

शिकायतकर्ता की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि कार्यक्रम के दौरान चेतावनी दिए जाने के बावजूद कथित तौर पर टिप्पणी जारी रही। राज्य सरकार के वकील ने भी कहा कि मजिस्ट्रेट पहले ही शिकायत पर विचार कर जांच के आदेश दे चुका है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने नोटिस जारी रखते हुए कहा कि अगली सुनवाई तक रणवीर सिंह के खिलाफ कोई कठोर कदम नहीं उठाया जाएगा।

विवाद की शुरुआत पिछले साल गोवा में हुई थी। इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) की क्लोजिंग सेरेमनी में रणवीर सिंह मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने फिल्म कंतारा: चैप्टर 1 को लेकर ऋषभ शेट्टी की एक्टिंग की तारीफ की। इवेंट में उन्होंने कहा था कि उन्होंने फिल्म थिएटर में देखी। ऋषभ की परफॉर्मेंस शानदार थी, खासकर वह सीन जब एक महिला आत्मा शरीर में प्रवेश करती है। शिकायतकर्ता प्रशांत मेथल ने आरोप लगाया कि यह टिप्पणी आपत्तिजनक थी। उनके अनुसार, बयान में देवी चामुंडी को ‘फीमेल घोस्ट’ कहा गया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।

मेथल ने पहले 3 दिसंबर 2025 को हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन में शिकायत दी थी। उस समय FIR दर्ज नहीं हुई। बाद में उन्होंने डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस और पुलिस कमिश्नर को भी आवेदन दिया।