दुर्लभ मामला… दो लिंग वाला बच्चा पैदा हुआ, फिर डॉक्टरों ने…

रोचक

ब्राजील में एक बच्चा जन्म लेता है. जन्म के समय डॉक्टरों ने देखा कि उस बच्चे के दो जननांग थे. यानी दो लिंग (Two Penises). फिर डॉक्टरों ने दो में से बड़े वाले लिंग को काटकर अलग कर दिया.

आमतौर पर किसी इंसान या जानवर के बच्चों को अगर तय अंगों की संख्या से ज्यादा अंग निकल आते हैं, तो उसे लोग दैवीय या चमत्कारिक मान लेते हैं. लेकिन यह खास तरह की मेडिकल स्थिति है, जो अलग-अलग अंगों के हिसाब से बताई जाती है. जैसे – जिसके दो हाथ-दो पैर से ज्यादा हाथ पैर होते हैं, तो उसे पॉलीमेलिया (Polymelia) कहते हैं. ज्यादा उंगलियां होने पर उसे पॉलीडैक्टीली (Polydactyly) कहते हैं.

ब्राजील के बच्चे के शरीर में दो लिंग होने का मतलब है कि उसे डाइफेलिया (Diphallia) था. यानी दो लिंगों वाली स्थिति. ऐसा दस लाख में से किसी एक बच्चे को होता है. मेडिकल के इतिहास में अब तक ऐसे सिर्फ 100 ही मामले सामने आए हैं. इस तरह का सबसे पहला केस 1609 में रिकॉर्ड किया गया था. अब सवाल ये उठता है कि डॉक्टरों ने उसका दो लिंग में से बड़े वाले को क्यों अलग किया.

द इंडिपेंडेंट वेबसाइट के मुताबिक इसके बारे में डॉक्टरों ने जर्नल ऑफ पीडियाट्रिक यूरोलॉजी में रिपोर्ट प्रकाशित कराई है. जिसमें कहा गया है कि कभी-कभी कुछ ऐसे लोग भी जन्म लेते हैं, जिनके पास एक अतिरिक्त पेनिस होता है. इस बच्चे को पूर्ण डाइफेलिया था. यानी इसके दोनों लिंग अगल-बगल थे. हालांकि रिपोर्ट में बताया गया है कि जिसमें एक उम्र के हिसाब से सही आकार में था, जबकि दूसरा बड़ा था. इसलिए डॉक्टरों ने बड़ा वाला निकला दिया.

जब यह सर्जरी की गई तब बच्चे की उम्र दो साल थी. सर्जरी में देरी क्यों की गई, इसकी वजह रिपोर्ट में नहीं बताई गई है. पहले डॉक्टर छोटे वाले को निकालने वाले थे, क्योंकि शुरुआत में दोनों एक ही आकार के थे. लेकिन डॉक्टरों ने देखा कि बच्चा छोटे वाले पेनिस से ही पेशाब कर रहा है. इसलिए उन्होंने दूसरे बड़े वाले लिंग को निकाल दिया.

डॉक्टरों ने बड़ा पेनिस काटने का फैसला सिर्फ और सिर्फ सक्रियता और शरीर के साथ अंदरूनी जुड़ाव के आधार पर लिया है. इसमें आकार का कुछ लेना-देना नहीं था. छोटा वाला सक्रिय था. यूरीनेट कर रहा था. यह पूरी प्रक्रिया की फिल्म बनाई गई. रिपोर्ट में बताया गया है कि अब बच्चे के पास एक पेनिस है. दूसरे वाली की जगह पर टांके लगाकर उस जगह को बंद कर दिया गया है.

भविष्य में इस छोटे पेनिस का इरेक्शन चैंबर काम करेगा या नहीं, ये देखना होगा. इससे पहले ऐसा मामला उजबेकिस्तान में आया था. वहां पर सात साल के बच्चे के पास भी दो पेनिस थे. दोनों काम करते थे. दोनों से पेशाब निकलता था. दोनों का इरेक्शन चैंबर भी सक्रिय था. उसके माता-पिता भविष्य में बच्चे के यौन संबंधों को लेकर चिंतित थे. तब डॉक्टरों ने कहा था कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि दो लिंग है. वह सामान्य तरीके से ही सेक्स कर सकता है.

हालांकि, मेडिकल न्यूज टुडे के अनुसार जिनके पास दो लिंग होते हैं. अगर वो दोनों सामान्य तरीके से काम कर रहे हैं, तो उससे किडनी फेल होने की आशंका बढ़ जाती है. क्योंकि किडनी पर ज्यादा दबाव पड़ता है. इसके अलावा इसकी वजह से स्पाइना बिफिडा (Spina Bifida) नाम की स्थिति पैदा हो सकती है, जिससे रीढ़ की हड्डी पर असर पड़ता है.

इसलिए डॉक्टरों ने इसका एक लिंग निकाल दिया ताकि शरीर के अंदरूनी हिस्सों और कार्यप्रणाली को नुकसान न पहुंचे. डाइफेलिया एक जेनेटिक असमानता की वजह से होता है. यह कंडीशन तब पैदा होती है जब गर्भ 23वें से 25वें दिन के बीच विकसित हो रहा होता है. इस समय भ्रूण का लिंग निर्धारण होता है. अगर इस दौरान जीन्स में किसी तरह की कमी होती है तो बच्चे के यौन अंगों में दिक्कत आ सकती थी.