ऐसा घोटाला ! राशन दुकानें नहीं लौटा रहीं पुराने बारदाने, नई खरीदी में करोड़ों स्वाहा
रायपुर। सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत उचित मूल्य की दुकानों में पीडीएस चावल जिन बारदानों में भरकर भेजा जाता है, उसका इस्तेमाल सरकार द्वारा अब हर साल किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में किया जाता है। उचित मूल्य की दुकानों को निर्देश भी दिए गए हैं कि वे शतप्रतिशत बारदानों को विभाग को वापस लौटाए। इसके लिए दुकानदारों को 25 रुपए प्रति बारदाना की दर से राशि का भुगतान भी किया जाता है। इसके बाद भी कई दुकानदार बारदाना को नहीं लौटाकर बाजार में बिक्री कर रहे हैं।
इसके कारण न केवल धान खरीदी के दौरान पुराने बारदानों की कमी होती है, बल्कि संबंधित विभाग को दोगुनी कीमत देकर नए बारदाने खरीदने पड़ते हैं, जिससे शासन को लाखों-करोड़ों रुपए का नुकसान होता है। आंकड़ों के अनुसार, अधिकतर दुकानदार 70 प्रतिशत भी बारदाने नहीं लौटा रहे है। इसके कारण विभाग को धान खरीदी के दौरान बारदानों की कमी होने पर नए बारदानों को खरीदी करना पड़ता है।
विभाग को बारदाना वापस नहीं लौटाने वाले उचित मूल्य दुकानों के ज्यादातर संचालक यही बहाना बनाया जाता है कि बारदाने फट गए हैं या फिर चूहे खा गए हैं। इसके कारण बारदाने इस्तेमाल के योग्य नहीं होने पर उसे औने-पौने रेट पर बेच देने की बात दुकान संचालक कहते हैं। जांच की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण भ्रमित करने वाले संचालकों पर कोई कार्रवाई भी नहीं हो पाती है।
रायपुर जिले में उचित मूल्य की कुल 720 दुकानें हैं। इनमें शहरी क्षेत्रों में 298 एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 422 दुकानें संचालित हैं। सहकारी विपणन संघ मर्यादित रायपुर के अधिकारियों के अनुसार इन सभी दुकानों में एक अप्रैल से लेकर 31 अगस्त की अवधि तक कुल 10 लाख बारदाने पीडीएस चावल के माध्यम से पहुंचे हैं, जिनमें से अब तक मात्र 5 लाख बारदाने ही लौटाए गए हैं। शेष 5 लाख बारदाने अब तक वापस नहीं किए गए है। विभाग से मिले आकड़ों के अनुसार जिले में संचालित 720 दुकानों में से 469 दुकानदारों ने कुल 5 लाख बारदाने लौटाए है, वहीं शेष 251 दुकानदार ऐसे है जिनमें से कोई भी एक बारदाना भी लौटाया नहीं है। इस तरह इन दुकानों में शत-प्रतिशत बारदाने या तो डंप पड़े हुए है, या फिर बाजार में अच्छी कीमत मिलने पर बेच चुके है।
पीडीएस दुकानों से पुराने बारदाने नहीं लौटाए जाने के कारण शासन को हर साल करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है। रायपुर में दस लाख बारदाने वितरित किए गए। जिसकी कीमत 5 करोड़ रुपए होती है। विभागीय सूत्र के अनुसार विभाग नए बारदाना की खरीदी 50 से 55 रुपए प्रति बारदाना की दर से करता है, जबकि पीडीएस दुकानों से 25 रुपए प्रति बारदाना की दर से खरीदी करता है। इस तरह पुराना बारदाना विभाग को आधी कीमत में मिल जाता है, जबकि नया बारदाना के लिए दोगुना से अधिक राशि व्यय की जाती है। वहीं बाजार में पुराने बारदानों की कीमत सरकारी रेट से कम है। पुराने बारदानों की खरीदी करने वाले एक दुकानदार ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि पुराना बारदाना बाजार में क्वालिटी के अनुसार बिकता है। 10 रुपए से लेकर अधिकतम 20 रुपए के भाव लगता है। वह भी इसी भाव से बारदाना क्रय करता है।
