रिलायंस ने रोका रूसी कच्चे तेल का इस्तेमाल, कहा- ‘तीन सप्ताह से नहीं खरीदा ऑयल’
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने मंगलवार को कहा कि उसने लगभग तीन सप्ताह से किसी तरह का रूसी कच्चा तेल नहीं खरीदा है और जनवरी में भी किसी तरह के खरीदारी की उम्मीद नहीं है। रिलायंस का यह स्पष्टीकरण ब्लूमबर्ग की उस रिपोर्ट के जवाब में आया है, जिसमें उसने डेटा एनालिटिक्स फर्म केप्लर के हवाले से कहा था कि कम से कम तीन टैंकर (इसमें लगभग 22 लाख बैरल यूराल) सिक्का पोर्ट की ओर जा रहे हैं। इसी पोर्ट से जामनगर रिफाइ¨नग कांप्लेक्स अपने कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा आयात करता है। माना जा रहा है कि रिपोर्ट में बताए गए तीनों कार्गो शायद बीपीसीएल की बीना रिफाइनरी के लिए थे। इस रिपोर्ट का असर रिलायंस के शेयरों पर भी दिखाई दिया है और पिछले आठ महीनों के दौरान उसके शेयरों में एक दिन की सबसे बड़ी यानी चार प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
कंपनी का वैल्यूएशन 94,389 करोड़ रुपये कम हो गया। 20 नवंबर, 2025 को रिलायंस ने कहा था कि उसने जामनगर स्थित अपनी निर्यात वाली रिफाइनरी में रूसी कच्चे तेल का इस्तेमाल रोक दिया है, क्योंकि कंपनी यूरोपियन यूनियन के प्रतिबंधों का पालन करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इससे पहले, रिलायंस भारत में रूसी तेल की सबसे बड़ी खरीदार थी, जिसे वह जामनगर में अपने बड़े आयल रिफाइ¨नग कांप्लेक्स में प्रोसेस करके पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन में बदलती है। यह कांप्लेक्स दो रिफाइनरियों से बना है। एक एसईजेड यूनिट जिससे यूरोपिय यूनियन, अमेरिका और दूसरे विदेशी बाजारों में ईंधन निर्यात किया जाता है।
एक पुरानी यूनिट है जो मुख्य रूप से घरेलू बाजार में आपूर्ति करती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को चेतावनी दी थी कि अगर नई दिल्ली रूसी तेल की खरीद पर रोक लगाने में नाकाम रहती है तो अमेरिका भारत पर टैरिफ बढ़ा सकता है।
