राहुल गांधी को राहत, सावरकर टिप्पणी मामले में नासिक अदालत ने मानहानि केस बंद किया

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बड़ी कानूनी राहत मिली है। महाराष्ट्र के नासिक जिले की एक आपराधिक अदालत ने हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े आपराधिक मानहानि मामले को बंद कर दिया है। यह फैसला एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट R. L. Narwade की अदालत ने दिया। मामला 2022 में राहुल गांधी द्वारा की गई टिप्पणियों से जुड़ा था, जो उन्होंने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान महाराष्ट्र में आयोजित कार्यक्रमों में की थीं। राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत Devendra Bhutada ने दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि 15 और 16 जून 2022 को Hingoli और Akole में आयोजित रैलियों के दौरान गांधी की टिप्पणियां सावरकर के प्रति अपमानजनक और मानहानिकारक थीं।

शिकायत के आधार पर राहुल गांधी के खिलाफ Indian Penal Code की धारा 499 (मानहानि) और धारा 504 (जानबूझकर अपमान) के तहत मामला दर्ज किया गया था। सितंबर 2024 में नासिक अदालत ने इस मामले में राहुल गांधी को समन भी जारी किया था। बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी और अदालत ने उन्हें कार्यवाही में वर्चुअल माध्यम से पेश होने की अनुमति भी दी थी। सुनवाई के दौरान उन्होंने खुद को निर्दोष बताया था।

कानूनी वेबसाइट Bar and Bench की रिपोर्ट के अनुसार अदालत ने पहले Code of Criminal Procedure Section 202 के तहत मामले की जांच के आदेश दिए थे। पुलिस रिपोर्ट आने के बाद शिकायतकर्ता ने अदालत में आवेदन देकर अपनी शिकायत वापस लेने की मांग की।

इसके बाद अदालत ने मानहानि से संबंधित पूरी कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस फैसले के साथ ही राहुल गांधी के खिलाफ चल रहा यह आपराधिक मानहानि मामला समाप्त हो गया है।