UP Special TET में शिक्षकों को बड़ी राहत, घटा कटऑफ; अब नहीं होगी नेगेटिव मार्किंग
उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के कार्यरत शिक्षकों और विशेष शिक्षकों के लिए जल्द विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) आयोजित की जाएगी. शासन ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को परीक्षा का विज्ञापन जल्द जारी करने और परीक्षा कराने के निर्देशUP Special TET में शिक्षकों को बड़ी राहत, घटा कटऑफ; अब नहीं होगी नेगेटिव मार्किंग दिए हैं. इस परीक्षा में करीब 56,818 कार्यरत शिक्षक शामिल होंगे. 150 अंकों के इस पेपर में नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी. कार्य योजना जारी कर दी गई है.
विशेष टीईटी की परीक्षा 150 अंकों की होगी. इसमें 150 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे और प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा. परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों को ढाई घंटे का समय मिलेगा. खास बात यह है कि परीक्षा में ऋणात्मक मूल्यांकन यानी नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी.
परीक्षा में पास होने के लिए अलग-अलग वर्गों के लिए न्यूनतम अंक निर्धारित किए गए हैं.
एससी/एसटी, ओबीसी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित, भूतपूर्व सैनिक और दिव्यांग: 82 अंक यानी 55 प्रतिशत
ईडब्ल्यूएस सामान्य वर्ग: 82 अंक पर पास प्रमाणपत्र
कक्षा 1 से 5 और कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने वाले कार्यरत शिक्षक और विशेष शिक्षक इस परीक्षा में शामिल होंगे। यह परीक्षा उन शिक्षकों के लिए अहम है, जो अभी तक टीईटी की अनिवार्य योग्यता पूरी नहीं कर सके हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश में करीब 1,42,818 कार्यरत शिक्षक टीईटी की अनिवार्यता से प्रभावित हुए थे। हाल ही में आयोजित टीईटी में करीब 86 हजार कार्यरत शिक्षक पास हो चुके हैं। इसके बाद लगभग 56,818 शिक्षक ऐसे बचे हैं, जिन्हें विशेष टीईटी पास करनी होगी.
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले वर्ष 1 सितंबर के आदेश में कार्यरत शिक्षकों के लिए 31 अगस्त 2028 तक टीईटी पास करना अनिवार्य किया था. इसके बाद शिक्षकों की ओर से अलग से विशेष टीईटी आयोजित कराने की मांग की जा रही थी. शासन ने अब इस परीक्षा की कार्ययोजना को मंजूरी दे दी है.
कक्षा 1 से 5 के लिए ये विषय
प्राथमिक स्तर की परीक्षा में पांच खंड होंगे
बाल विकास एवं शिक्षण विधि-30 प्रश्न
हिंदी-30 प्रश्न
अंग्रेजी/उर्दू/संस्कृत में से दूसरी भाषा-30 प्रश्न
गणित-30 प्रश्न
पर्यावरणीय अध्ययन-30 प्रश्न
यानी कुल 150 प्रश्न और 150 अंक होंगे
कक्षा 6 से 8 के शिक्षकों के लिए अलग पैटर्न
उच्च प्राथमिक स्तर पर बाल विकास एवं शिक्षण विधि, हिंदी और दूसरी भाषा के साथ संबंधित विषय से प्रश्न पूछे जाएंगे. गणित-विज्ञान के शिक्षकों के लिए गणित एवं विज्ञान, जबकि सामाजिक अध्ययन/सामाजिक विज्ञान के शिक्षकों के लिए संबंधित विषय के प्रश्न होंगे.
उत्तर प्रदेश में टीईटी का पहला आयोजन 13 नवंबर 2011 को हुआ था. अब करीब डेढ़ दशक बाद कार्यरत शिक्षकों को केंद्र में रखकर विशेष टीईटी आयोजित होने जा रही है. परीक्षा का उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत बचे हुए शिक्षकों को टीईटी योग्यता हासिल करने का अवसर देना है.
