रिटायर्ड कर्मचारी से 35 लाख ठगी की कोशिश, ठग ने खुद को IPS बताकर किया डिजिटल अरेस्ट
बिलासपुर में साइबर ठगों ने रिटायर्ड कर्मी को डिजिटल अरेस्ट कर करीब 35 लाख रुपए की ठगी करने की कोशिश की। ठग ने खुद को IPS अफसर बताकर बुजुर्ग को मनी लॉन्ड्रिंग के केस में फंसने का डर दिखाया। इसके बाद अलग-अलग बैंकों में जमा उनकी रकम एक बैंक खाते में ट्रांसफर कराई गई। हालांकि, समय रहते बिलासपुर पुलिस को इसकी सूचना मिल गई और करीब 35 लाख रुपए की रकम ठगी का शिकार होने से बच गई।
दरअसल, 24 अगस्त को सरकंडा के सीपत रोड निवासी 68 वर्षीय सीनियर सिटीजन के मोबाइल पर अनजान नंबर से लगातार कॉल आ रहे थे। कॉल रिसीव करने पर आरोपी ने खुद को मुंबई के बाराबंकी का IPS अधिकारी सुनील कुमार गौतम बताया।
कथित पुलिस अधिकारी ने बुजुर्ग को मनी लॉन्ड्रिंग के बड़े मामले में फंसने का डर दिखाया। इसके बाद आरोपी ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर लिया। बुजुर्ग को घर से बाहर नहीं निकलने दिया गया और मोबाइल कैमरे के सामने लगातार बैठे रहने की हिदायत दी गई।
इस दौरान ठगों ने बुजुर्ग को लगातार डराया और भ्रमित किया। इसी दौरान उनके घर पुलिस टीम भेजने की चेतावनी देते हुए उनसे अलग-अलग बैंक खातों में जमा रकम को एक बैंक खाते में ट्रांसफर करा लिया गया।
देखते ही देखते करीब 35 लाख रुपए एक खाते में जमा हो गए। इसके बाद ठग वीडियो मीटिंग के जरिए बैंक खाते में जमा पूरी रकम निकालने या ट्रांसफर करने की योजना बना रहे थे।
सीनियर सिटीजन के एक मित्र ने उन्हें कॉल किया, तब उन्होंने दोस्त को इस पूरी घटना की जानकारी दी। इस पर दोस्त ने सीधे एसएसपी रजनेश सिंह को कॉल कर मामले की शिकायत की। उन्होंने इस केस की पूरी जानकारी ली। जिसके बाद गंभीरता दिखाते हुए तत्काल जांच कराने का आश्वासन दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी रजनेश सिंह ने तत्काल सरकंडा थाना प्रभारी प्रदीप आर्या को मौके पर भेजकर कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस टीम ने संबंधित मोबाइल नंबरों की जांच की।
जांच में मोबाइल नंबर के फ्रॉड गतिविधियों से जुड़े होने की जानकारी सामने आई। पुलिस की तत्परता से बुजुर्ग को ठगी का शिकार होने से बचा लिया गया और खाते में जमा करीब 35 लाख रुपए सुरक्षित रहे।
पुलिस ने मामले की रिपोर्ट नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCCRP) पर भी दर्ज कराई है। संबंधित मोबाइल नंबर और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। पुलिस ठगी के इस प्रयास से जुड़े आरोपियों तक पहुंचने के लिए तकनीकी साक्ष्य जुटा रही है।
एसएसपी रजनेश सिंह ने लोगों से साइबर अपराधों को लेकर जागरूक रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कोई भी पुलिस अधिकारी वीडियो कॉल या फोन पर डिजिटल अरेस्ट कर बैंक खाते की रकम ट्रांसफर करने के लिए नहीं कहता है तो ऐसे कॉल आने पर घबराएं नहीं और तत्काल पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।
