रोहतास : सोन बराज के फाटक में फंसा हाथी, कर्मियों ने हाथी को फाटक से अलग किया
रोहतास : सोन नदी की तराई और सोनडीला इलाके में पिछले एक महीने से भटक रहा जंगली हाथी शनिवार रात करंट लगने से काल के गाल में समा गया। हाथी की मौत औरंगाबाद जिले के मेंह थाना क्षेत्र में 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन की चपेट में आने से हुई। वन विभाग के अनुसार, इससे कुछ घंटे पहले हाथी रोहतास जिले के इंद्रपुरी बराज के गेट में फंस गया था। वन विभाग की टीम ने उसे निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया। हालांकि रेस्क्यू के दौरान हाथी वहां से निकलकर भाग गया और औरंगाबाद जिले के मेंह गांव के पास पहुंच गया। सहायक वन संरक्षक ने बताया कि गांव के पास बधार में घूमते समय हाथी 11 हजार वोल्ट तार के संपर्क में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही डेहरी के रेंजर दीपक कुमार, औरंगाबाद की डीएफओ रुचि सिंह सहित कई वन अधिकारी मौके पर पहुंच गए। हाथी के पोस्टमार्टम के लिए पटना से विशेषज्ञों की टीम बुलाई गई है।
डीएफओ ने बताया कि हाथी की मौत 11 हजार वोल्ट के बिजली करंट से हुई है। पशु चिकित्सकों की टीम द्वारा हाथी का पोस्टमार्टम कराने की कार्रवाई की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद गड्ढा खोदकर हाथी का अंतिम संस्कार किया जाएगा। बताया कि हाथी के बिजली करंट से मौत मामले की जांच भी की जा रही है।
मेंह पंचायत के मुखिया अनु यादव ने बताया कि जिस स्थान पर हाथी की मौत हुई, वहां बिजली का तार काफी नीचे झूल रहा था। यही कारण है कि हाथी उसकी चपेट में आ गया। जानकारी के अनुसार, लगभग एक माह पहले यह हाथी औरंगाबाद के मदनपुर जंगल से भटकते हुए नवीनगर के रास्ते सोन नदी की तराई में पहुंच गया था।
इस दौरान वह नौहट्टा, रोहतास और तिलौथू प्रखंड के सोनडीला व आसपास के जंगलों में घूमता रहा। हाथी के कारण कुछ स्थानों पर फसलों और पशुओं को नुकसान भी हुआ था। शनिवार को हाथी इंद्रपुरी बराज के पश्चिमी जल संग्रहण क्षेत्र में पहुंच गया और बराज के गेट में फंस गया। सूचना मिलने पर आसपास के गांवों के लोग और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और उसे निकालने की कोशिश की।
डीएफओ ने बताया कि बराज से निकलने के बाद हाथी औरंगाबाद जिले की ओर चला गया। भीड़ के कारण वह दोबारा बराज की दिशा में लौटने लगा। इसी दौरान हादसा हो गया।
