LPG गैस सिलेंडर को लेकर बदले नियम, 1 जुलाई से इन उपभोक्ताओं की नहीं होगी बुकिंग, PNG होगा अनिवार्य

केंद्र सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय ने नया नियम जारी किया है। अब जिन घरों में पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) का कनेक्शन है, वे घरेलू LPG कनेक्शन नहीं रख सकेंगे। ऐसे उपभोक्ताओं को अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा। आगरा में इस नियम के तहत 70 हजार से ज्यादा एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने पड़ सकते हैं। जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि 1 जुलाई 2026 से इन घरों में एलपीजी गैस सिलिंडर की सप्लाई बंद हो जाएगी। पूर्ति विभाग ने ग्रीन गैस लिमिटेड से दोनों कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं की सूची मांगी है। नए नियम के मुताबिक यूपी में पीएनजी वाले लोग अब एलपीजी नहीं रख पाएंगे। दोहरे कनेक्शन में एलपीजी को बंद कर दिया जाएगा।

जिन गलियों, मोहल्लों या कॉलोनियों में पीएनजी की पाइप लाइन बिछी हुई है, वहां रहने वाले लोगों को पीएनजी कनेक्शन लेना जरूरी हो गया है। अगर घर से 300 मीटर के अंदर पीएनजी की लाइन है, तो उपभोक्ता को एक हफ्ते के अंदर कनेक्शन मिल सकता है। नए कनेक्शन के लिए छह हजार रुपये जमानत राशि जमा करानी होगी। ग्रीन गैस लिमिटेड के अधिकारी ने बताया कि अगले तीन महीने में आगरा में 25 हजार नए पीएनजी कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में पांच हजार कनेक्शन दिए जाएंगे।

ग्रीन गैस लिमिटेड ने रविवार को शंकर ग्रीन ताजनगरी और अपर्णा प्रेम शास्त्रीपुरम में शिविर लगाए। इन शिविरों में नए पीएनजी कनेक्शन के लिए लोगों से जरूरी कागजात और औपचारिकताएं पूरी कराई गईं। शिविर में 10 से ज्यादा आवेदन आए। अधिकारी लोगों को जागरूक कर रहे हैं कि समय रहते पीएनजी कनेक्शन ले लें, वरना एलपीजी सप्लाई बंद हो सकती है।

शासन का दावा है कि घरेलू एलपीजी की आपूर्ति सामान्य है। लेकिन लोगों का कहना है कि व्यावसायिक कामों के लिए 925 रुपये वाला घरेलू सिलिंडर ब्लैक मार्केट में 1800 से 2000 रुपये में मिल रहा है। आगरा जिले में व्यावसायिक सिलिंडर की रोजाना खपत 40 हजार है, लेकिन सप्लाई सिर्फ 4500 के आसपास हो पा रही है। इससे व्यावसायिक उपभोक्ता बहुत परेशान हैं। कॉमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति में करीब 90 प्रतिशत की कटौती हो गई है। सरकार पीएनजी को बढ़ावा देकर एलपीजी पर बोझ कम करना चाहती है। पीएनजी सस्ता और सुविधाजनक भी है।

जिनके क्षेत्र में पीएनजी लाइन है, उन्हें जल्दी से जल्दी कनेक्शन ले लेना चाहिए। एलपीजी सरेंडर करने के लिए ग्रीन गैस या ऑनलाइन पोर्टल का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे देश के एलपीजी भंडार बचेंगे और पर्यावरण भी बेहतर होगा। तीन महीने का समय दिया गया है, इसलिए लोग तैयार रहें।