पोलैंड पर रूस का 19 से ज्यादा ड्रोन अटैक, NATO ने एक्टिव किया आर्टिकल
रूस-यूक्रेन युद्ध अब सीधे NATO की जमीन तक पहुंच गया है. मंगलवार रात दर्जनभर से ज्यादा रूसी ड्रोन पोलैंड की हवाई सीमा में दाखिल हो गए, जिसके बाद NATO के लड़ाकू विमानों को तुरंत अलर्ट कर दिया गया. F-16 और F-35 जेट्स ने मोर्चा संभाला और कई ड्रोन को गिरा दिया. इस घटना ने NATO को पहली बार अपने ही सदस्य देश की हवाई सीमा में दुश्मन टारगेट से भिड़ने पर मजबूर कर दिया. रातभर में 19 से ज्यादा बार पोलैंड की हवाई सीमा का उल्लंघन हुआ, जिनमें कुछ ड्रोन बेलारूस से आए. सुरक्षा कारणों से वारसॉ समेत चार एयरपोर्ट बंद करने पड़े. सवाल उठ रहा है कि क्या अब धीरे-धीरे दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध की ओर बढ़ रही है.
इस ड्रोन हमले के बाद NATO ने आपात प्रावधान आर्टिकल 4 को लागू किया, जिसके तहत सदस्य देशों की सुरक्षा और राजनीतिक स्वतंत्रता पर खतरा महसूस होने पर तुरंत सामूहिक परामर्श होता है. पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने कहा, ‘यह बड़े पैमाने पर उकसावे की कोशिश है. हालात बेहद गंभीर हैं और हमें हर स्थिति के लिए तैयार रहना होगा. दूसरे विश्व युद्ध के बाद आज हम युद्ध के इतने करीब कभी नहीं थे.’ इस हमले ने पहली बार रूस-यूक्रेन जंग को NATO की जमीन पर सीधे ला खड़ा किया है. पोलैंड और NATO की वायु सेनाओं ने कम से कम तीन ड्रोन गिराए.
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ब्रिटेन ने अपने टाइफून जेट भेजने की तैयारी जताई है. नीदरलैंड के एफ-35 लड़ाकू विमानों ने भी इंटरसेप्शन मिशन में हिस्सा लिया. NATO देशों ने पोलैंड की हवाई सुरक्षा मजबूत करने के ठोस प्रस्ताव रखे हैं. प्रधानमंत्री टस्क ने आपात बैठक बुलाकर कहा, ‘यह सिर्फ एक तकनीकी गलती नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर उकसावे की कोशिश है. हम हर स्थिति से निपटने को तैयार हैं.’ पोलैंड के विदेश मंत्री रादोस्लॉ सिकॉर्स्की ने साफ शब्दों में कहा, ’19 बार उल्लंघन कोई संयोग नहीं हो सकता. यह सीधा हमला है.’
रूस ने आधिकारिक बयान में कहा कि पोलैंड पर हमला करने का कोई इरादा नहीं था और बातचीत के लिए तैयार है. मगर पोलैंड का कहना है कि सबूत साफ हैं और यह घटना आकस्मिक नहीं हो सकती. उधर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने भी NATO देशों से कड़ी प्रतिक्रिया की मांग की है. उन्होंने कहा, ‘मॉस्को हमेशा सीमाओं को परखता है, और अगर कड़ी प्रतिक्रिया नहीं मिलती तो वह अगला कदम बढ़ा देता है.’ रूसी ड्रोन का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है.
