CG : बजट सत्र से पहले साय कैबिनेट की बैठक, सीएम विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंथन
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज बुधवार 11 फरवरी को मंत्रिपरिषद की बैठक शुरू हो गई है। राज्य विधानसभा के बजट सत्र से ठीक पहले हो रही इस बैठक को सरकार के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। इस बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सरकार की प्राथमिकताओं, नई योजनाओं और वित्तीय प्रावधानों को लेकर व्यापक चर्चा की जा रही है।
बजट सत्र से पहले होने वाली कैबिनेट बैठक पर स्वाभाविक तौर पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। वित्त विभाग सहित कई विभागों ने अपने-अपने प्रस्ताव तैयार कर लिए हैं, जिन्हें मंत्रिपरिषद के सामने रखा जा रहा है। चर्चा के बाद जिन प्रस्तावों पर सहमति बनेगी। उन पर औपचारिक मुहर लगाई जाएगी। इन्हें बजट में शामिल किया जा सकता है या फिर अलग से अधिसूचित किया जा सकता है।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में कृषि, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन, अधोसंरचना और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा केंद्र प्रायोजित योजनाओं की प्रगति, राज्य की वित्तीय स्थिति और राजस्व संग्रह की समीक्षा भी एजेंडे में शामिल हो सकती है।
राज्य सरकार की तरफ से चलाई जा रही प्रमुख योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट भी मंत्रिपरिषद के सामने रखी जा सकती है। जिन योजनाओं के लिए अतिरिक्त बजटीय प्रावधान की आवश्यकता है, उन पर भी विचार-विमर्श होने की संभावना है। कुछ नई घोषणाओं को अंतिम रूप देने पर भी चर्चा हो सकती है, ताकि उन्हें आगामी बजट में शामिल किया जा सके। बैठक में कुछ प्रशासनिक फैसले, विभागीय पुनर्गठन, पदों के सृजन और नियुक्तियों से जुड़े प्रस्तावों पर भी विचार किया जा सकता है। इसके अलावा ऐसे प्रस्ताव भी एजेंडे में हो सकते हैं, जिनके लिए विधानसभा की मंजूरी आवश्यक है। बजट सत्र से पहले सरकार की कोशिश है कि अधिकतर महत्वपूर्ण प्रस्तावों को कैबिनेट स्तर पर स्पष्ट कर लिया जाए।
मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद लिए गए फैसलों की जानकारी आधिकारिक रूप से साझा की जाएगी। मंत्री अरुण साव बैठक के निर्णयों की जानकारी मीडिया को देंगे। प्रेस ब्रीफिंग के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि किन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है और बजट में किन नए प्रावधानों की घोषणा हो सकती है।
राज्य के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस बैठक को लेकर विशेष उत्सुकता है। बजट सत्र से पहले होने वाली यह बैठक आने वाले वित्तीय वर्ष की नीतिगत दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है। अब सभी की नजरें कैबिनेट के फैसलों और उसके बाद होने वाली आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई हैं।
