ऋतिक स्टारर काबिल के डायरेक्टर संजय गुप्ता का निधन, किचन में मिला शव, पोस्टमार्टम के बाद जांच जारी

कांटें, काबिल, शूटआउट एट लोखंडवाला, मुंबई सागा जैसी बेहतरीन फिल्में डायरेक्ट कर चुके संजय गुप्ता का आज निधन हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार, उनका निधन किचन में गिरने से लगी चोट से हुआ। पुलिस ने ADR (एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट) फाइल का शव का पोस्टमार्टम किया गया। उनका पार्थिव शव वर्सोवा स्थित घर लाया गया है।

संजय गुप्ता मुंबई के राम नगर इलाके में एक बंगले में रहते थे। 30-31 अक्टूबर की दरमियानी रात वह किचन में गिरे, जिससे उनके सिर पर चोट आई। डीसीपी नॉर्थ जोन-1 पुरुषोत्तम कराड ने बताया, “वर्सोवा पुलिस स्टेशन को आज सुबह सूचना मिली कि फिल्ममेकर संजय गुप्ता की उनके घर पर अचानक गिरने से मौत हो गई है। इस मामले में आकस्मिक मौत की रिपोर्ट दर्ज की गई है और जांच जारी है।

उनका शव घर के किचन में मिला था। परिवार ने इस घटना को लेकर किसी तरह का संदेह जाहिर नहीं किया है और न ही कोई शिकायत दर्ज कराई है। फिलहाल शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है। वर्सोवा पुलिस इस मामले की आगे जांच कर रही है।”

फिल्म इंडस्ट्री से भी कई सेलेब्स उनके घर पहुंच रहे हैं। डायरेक्टर मिलाप जावेरी उनके घर के बाहर खड़े रोते नजर आए।

संजय दत्त ने कांटे के सेट की एक तस्वीर शेयर कर भावुक अंदाज में लिखा, ‘गुप्त्स, मेरे भाई। मुझे अब भी यकीन नहीं हो रहा कि तुम हमें छोड़कर चले गए। हमने साथ में बहुत कुछ शेयर किया है। न जाने कितनी यादें हैं और हमारी दोस्ती के कितने साल हैं। तुम हमेशा मेरे परिवार का हिस्सा रहे हो और हमेशा रहोगे। मैं तुम्हें, तुम्हारे साथ हुई बातचीत और साथ बिताए हर पल को बहुत याद करूंगा।’

अपनी पोस्ट में संजय दत्त ने बताया कि वो कुछ समय पहले ही कांटे 2 पर बात कर रहे थे। संजय ने लिखा, ‘हमने कुछ दिन पहले ही ‘कांटे 2’ को लेकर बात की थी। भाई, अब मैं तुम्हारे इस सपने को जरूर पूरा करूंगा। तुम्हारी याद में ‘कांटे 2′ बनाऊंगा और तुम्हारा यह सपना सच करने के लिए हर मुमकिन कोशिश करूंगा। तुमसे हमेशा प्यार रहेगा। भाई, तुम्हारे बिना जिंदगी पहले जैसी नहीं रहेगी। ईश्वर तुम्हारी आत्मा को शांति दें।’

कुछ हफ्तों पहले ही संजय गुप्ता ने हुसैन जैदी को दिए इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें 1992-93 के बीच अंडरवर्ल्ड की धमकियां मिली थीं। इस समय वह बतौर डायरेक्टर पहली फिल्म आतिश बना रहे थे, जिसमें संजय दत्त, करिश्मा कपूर और रवीना टंडन लीड रोल में थे।

उन्होंने बताया कि एक सुबह उनके घर पर फोन आया। दूसरी तरफ से व्यक्ति ने खुद को ‘नाना’ बताया। संजय को समझ नहीं आया कि कौन नाना है? बाद में उन्हें पता चला कि फोन छोटा राजन का था। फोन पर उन्हें गालियां दी गईं।

उन्होंने तुरंत संजय दत्त को फोन किया और कहा कि उन्हें घर से बाहर निकालने में मदद करें। इसके बाद संजय दत्त ने अपने पिता सुनील दत्त की सरकारी गाड़ी उनके घर भेजी। संजय गुप्ता पीछे के रास्ते से उस गाड़ी में बैठकर वहां से निकल गए।

संजय गुप्ता और संजय दत्त की जोड़ी ने बॉलीवुड को कई चर्चित फिल्में दीं। दोनों ने पहली बार फिल्म ‘आतिश: फील द फायर’ (1994) में साथ काम किया था, जो बतौर निर्देशक संजय गुप्ता की पहली फिल्म भी थी। इसके बाद दोनों ने ‘खौफ’ (2000), ‘जंग’ (2000), ‘कांटे’ (2002), ‘मुसाफिर’ (2004) और ‘जिंदा’ (2006) जैसी फिल्मों में साथ काम किया। इनमें ‘कांटे’ सबसे ज्यादा चर्चित रही। इसके अलावा संजय गुप्ता ने संजय दत्त के साथ ‘प्लान’ (2004), ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ (2007) और ‘दस कहानियां’ (2007) जैसी फिल्मों में निर्माता और लेखक के तौर पर भी काम किया।

संजय गुप्ता ने अमिताभ बच्चन, संजय दत्त, सुनील शेट्टी, महेश मांजरेकर, कुमार गौरव, मलाइका अरोड़ा और लकी अली स्टारर फिल्म कांटे डायरेक्ट की थी। फिल्म के कुछ हिस्से लॉस एंजिलिस में शूट हुए थे, लेकिन तभी 9/11 हमले के चलते शूटिंग में काफी अड़चन हुई और शेड्यूल बदलना पड़ा। फिल्म 20 दिसंबर 2002 को रिलीज हुई और हिट साबित हुई। फिल्म रिलीज के एक हफ्ते बाद 27 दिसंबर 2002 को संजय गुप्ता का खंडाला से लौटते वक्त कार एक्सीडेंट हुआ। जब उन्हें एडमिट करवाया गया तो डॉक्टर्स ने साफ कहा कि उनके अगले 72 घंटे बेहद क्रिटिकल हैं। तब वह महज 35 साल के थे। डायरेक्टर को 5 हफ्तों तक अस्पताल में भर्ती रखा गया था।

संजय गुप्ता सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव थे। इसी साल जून में एक पोस्ट कर उन्होंने कांटें की रिलीज के समय हुए एक्सीडेंट का भी जिक्र किया था।