संजू ने बुमराह को प्लेयर ऑफ द मैच बताया, सूर्या ने कहा- हमने शानदार फील्डिंग की
मुंबई में खेले गए टी-20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में भारत ने इंग्लैंड को 7 रन से हराकर फाइनल में जगह बना ली। टीम की जीत में संजू सैमसन की 42 गेंदों में 89 रन की शानदार पारी अहम रही, जिसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। गुरुवार रात अवॉर्ड लेने के बाद सैमसन ने कहा कि इस सम्मान के असली हकदार जसप्रीत बुमराह हैं। वहीं सूर्यकुमार यादव ने टीम की फील्डिंग की तारीफ की, जबकि इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने माना कि सैमसन का कैच छोड़ना उनकी टीम को भारी पड़ गया। सैमसन ने प्रेजेंटेशन सेरेमनी में कहा, मैं यह अवॉर्ड बुमराह को देना चाहता हूं। वे वर्ल्ड क्लास बॉलर हैं, ऐसे खिलाड़ी जो पीढ़ी में एक बार आते हैं। आज उन्होंने वही डिलीवर किया। अगर डेथ ओवर्स में उन्होंने उस तरह की गेंदबाजी नहीं की होती, तो शायद मैं आज यहां खड़ा नहीं होता। सारा क्रेडिट हमारे गेंदबाजों को जाता है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में खुद पर भरोसा रखा।
सैमसन ने अपनी पारी के बारे में कहा, यह अलग अहसास है। मुझे पता था कि पिछली पारी (वेस्टइंडीज के खिलाफ) से मेरी फॉर्म अच्छी चल रही है। मैंने खुद को थोड़ा समय दिया और सोचा कि इस फॉर्म का पूरा फायदा उठाना चाहिए। वानखेड़े में रन बनते ही हैं, यहां कोई भी स्कोर सुरक्षित नहीं होता, इसलिए हम ज्यादा से ज्यादा रन बनाना चाहते थे।
सैमसन शतक से चूक गए, लेकिन उन्होंने कहा कि इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा, टी-20 में शतक बनाना कोई लक्ष्य नहीं होता। यहां आपको बस लगातार तेजी से रन बनाने होते हैं। जब आप अपनी टीम को जीत दिलाते हैं, तो यह मायने नहीं रखता कि आपने कितने रन बनाए। मैं अपनी टीम की जीत में योगदान देकर बहुत खुश हूं।
संजू ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्लेइंग इलेवन में जगह पक्की करने के दबाव में उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में जरूरत से ज्यादा कोशिश की। इसी वजह से उस सीरीज में बल्ले से बड़े रन नहीं निकले।
न्यूजीलैंड के खिलाफ सैमसन का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और उनकी जगह ईशान किशन ने अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग की। हालांकि, टीम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की लगातार मौजूदगी को तोड़ने के लिए सैमसन को फिर मौका मिला और उन्होंने उसे भुना दिया।
सैमसन ने लगातार दो अर्धशतक लगाए। सेमीफाइनल में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 42 गेंद में 89 रन की मैच जिताऊ पारी खेली। इससे पहले उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 97 रन बनाए थे। संजू ने बताया कि खराब दौर के बाद उन्होंने अपने खेल के बेसिक्स पर फिर से काम किया। ज्यादा प्रैक्टिस की और खुद को शांत रखने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने अपने करीबियों के साथ समय बिताया और सोशल मीडिया से दूरी बना ली।
सैमसन ने कहा कि उन्होंने फोन तक बंद कर दिया था ताकि बाहरी शोर कम रहे और सही दिशा में ध्यान लगा सकें। उनके मुताबिक इससे उन्हें फोकस करने में काफी मदद मिली।
