स्कूल कैंटीन की पैटीज बनी काल: खाने के बाद छात्र की संदिग्ध मौत

जयपुर: राजधानी के झोटवाड़ा थाना इलाके में एक निजी स्कूल के छात्र की पेटीज खाने के बाद संदिग्ध मौत होने का मामला सामने आया है. परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए गुरुवार दोपहर को स्कूल पहुंचकर हंगामा किया. परिजनों का कहना है कि बुधवार को 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र ने स्कूल कैंटीन से आलू की पेटीज खाई थी, पेटीज खराब होने के कारण उसके गले में अटक गई. इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और वो बेहोश हो गया. अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने छात्र को मृत घोषित कर दिया. मृतक छात्र प्रिंस सोनी झोटवाड़ा की ब्रजमंडल कॉलोनी निवासी था.

मृतक छात्र के चाचा अनुराग सोनी ने बताया कि बुधवार को स्कूल के लंच टाइम में प्रिंस ने कैंटीन से पेटीज खरीद कर खाई थी. खराब पेटीज खाने के कारण वह उसके गले में अटक गई. इसके बाद प्रिंस बेहोश हो गया, लेकिन काफी देर तक स्कूल के टीचर और प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया. स्कूल प्रशासन ने प्रिंस को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया, बल्कि परिजनों को कॉल करके सूचना देकर इंतजार करते रहे. स्कूल प्रशासन ने परिजनों को कॉल करके अपनी फोर व्हीलर गाड़ी लेकर आने को कहा.

परिजनों ने आरोप लगाया कि काफी देर तक बच्चों को कोई उपचार नहीं दिया गया. परिजन स्कूल पहुंचे, तो प्रिंस को नजदीकी प्राइवेट अस्पताल में ले जाया गया. डॉक्टरों ने बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया, जहां पर डॉक्टरों ने प्रिंस को मृत घोषित कर दिया. परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन की लापरवाही के चलते 17 वर्षीय प्रिंस की मौत हो गई. परिजनों का कहना है कि अचेत अवस्था में प्रिंस को समय पर अस्पताल ले जाते तो उसकी जान बच जाती.

झोटवाड़ा थाने के सहायक उप निरीक्षक नरेंद्र कुमार के ने बताया कि झोटवाड़ा निवासी 17 वर्षीय छात्र प्रिंस सोनी की मौत होने की सूचना प्राप्त हुई. सूचना मिलते ही झोटवाड़ा थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची. छात्र के शव को कावन्टिया अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया, जहां पर गुरुवार को पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है. वहींस छात्र की मौत से गुस्सा होकर परिजनों ने गुरुवार दोपहर को स्कूल पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया. स्कूल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई. परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है, फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच पड़ताल शुरू कर दी है.

प्रिंस सोनी के पिता अमित सोनी ने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया उन्होंने कहा कि यदि मेरे बेटे को समय रहते अस्पताल ले जाते तो उसकी जिंदगी बच जाती. एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि स्कूल में तत्काल चिकित्सा सुविधा अथवा उचित प्राथमिक उपचार की व्यवस्था नहीं थी और छात्र को समय रहते अस्पताल पहुंचाने को लेकर गंभीर लापरवाही बरती गई. शिकायत में स्कूल प्रशासन के जिम्मेदार पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की गई है.