आसमान से बरस रही भयंकर गर्मी, भयानक आग का खतरा झेल रहा ये खूबसूरत देश!
दुनिया का एक खूबसूरत देश इस समय खतरनाक संकट का सामना कर रहा है. आसमां से आ रही तेज धूप और रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के बीच ग्रीस के जंगलों में ऐसी तबाही मच सकती है, जो सब कुछ राख कर सकती है. ग्रीस इस समय इतिहास के सबसे भयानक वाइल्डफायर सीजन यानी जगंलों में लगने वाली भयनाक आग का सामना करने के लिए सांसें थामे खड़ा है. लेकिन इस बार ग्रीस बेबस नहीं है. इस बार जमीन पर लगने वाली आग का मुकाबला करने के लिए अंतरिक्ष में एक महाशक्तिशाली ‘रक्षक’ को तैनात कर चुका है. जो ग्रीस को आग से बचाने के काम करेगा. यूरोप इस समय भीषण गर्मी का सामना कर रहा है और लगातार बढ़ता तापमान आने वाली बड़ी आफत का संकेत है. ग्रीस का इलाका काफी सूखा और पहाड़ी है, और यहां 100 से ज्यादा ऐसे द्वीप हैं जहां आबादी रहती है. ऐसे में यहां आग पर काबू पाना बेहद मुश्किल काम होता है. भयानक गर्मी के कारण ग्रीस के जंगलों में लगने वाली आग को कंट्रोल करने के लिए ग्रीस को सीधे अंतरिक्ष से मदद मिलने जा रही है. धरती की कक्षा यानी ऑर्बिट में चक्कर काट रहे छोटे सैटेलाइट्स की एक नई फौज अब ग्रीस को इन खतरों से बचाने का काम करेगी.
छोटे आकार के सैटेलाइट्स जंगलों में आग की पहली चिंगारी को भी जान लेंगे. यह एक ऐसी एडवांस सिस्टम है जो न सिर्फ लोगों की जान बचाएगी, बल्कि पूरे यूरोप को तकनीक के मामले में आत्मनिर्भर भी बनाएगी. मई के महीने में ऐसे चार छोटे सैटेलाइट्स स्पेस में भेज दिए गए हैं, जो हाथ में ले जाने वाले छोटे बैग के बराबर आकार में हैं. साथ ही ग्रीस दुनिया का पहला ऐसा देश बन गया है जिसने अपनी फायरफाइटिंग सिस्टम में सीधे सैटेलाइट्स को शामिल कर लिया है.
इन सैटेलाइट्स को जर्मनी की कंपनी ओरोराटेक ने तैयार किया है. इनमें बहुत ही एडवांस थर्मल सेंसर लगे हुए हैं, जो जमीन पर लगी मात्र 4 मीटर चौड़ी आग को भी आसानी से पकड़ सकते हैं. आम सैटेलाइट्स केवल तभी आग देख पाते हैं जब वह किसी बड़े समुद्री जहाज जितनी फैल जाती है, लेकिन ये नए सैटेलाइट्स शुरुआत में ही आग को पकड़ लेंगे. जैसे ही कहीं भी आग की घटना सैटेलाइट को दिखेगी, वैसे ही कमांडर्स के पास एक अलर्ट पहुंच जाएगा. इसमें आग की सटीक लोकेशन, उसका आकार और वह कितनी तेजी से फैल रही है, इसकी पूरी डिटेल्स होगी. अगर एक साथ कई जगहों पर आग लगती है, तो यह लाइव डेटा यह तय करने में मदद करेगा कि फायर ब्रिगेड को पहले कहां जाना है.
ये थर्मल सेंसर सोलर पैनल, फैक्ट्री की गर्मी छटों और धूप से तपती चट्टानों को भी पकड़ लेते हैं. इसके साथ ही अलर्ट भेजने से पहले ही AI मॉडल इन सभी गलत अलार्मों को खुद ही फिल्टर कर देगा. ग्रीस ने साल 2024 में अपने इतिहास की सबसे गर्म गर्मी दर्ज की थी. साल 2018 में एथेंस के पास लगी आग में 100 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद से ग्रीस ने आग के खतरों से बचने के लिए अपने पूरे सिस्टम को बदल दिया है. अब सैटेलाइट्स के साथ-साथ ड्रोन्स और ग्राउंड सेंसर्स का भी इस्तेमाल किया जा रहा है.
यह प्रोजेक्ट यूरोप के सपोर्ट की एक बड़ी कंपनी के योजना का हिस्सा है. ग्रीस तीन यूरोपीय कंपनियों के साथ मिलकर 200 मिलियन यूरो की लागत से एक बड़ा ऑब्जर्वेशन नेटवर्क तैयार कर रहा है, जिसे यूरोपीय संघ फंडिंग कर रहा है. इसमें थर्मल सैटेलाइट्स के साथ-साथ ऐसे रडार सैटेलाइट भी होंगे जो बादलों और धुएं के पार भी देख सकेंगे. यह पूरा प्रोजेक्ट इस साल के अंत तक तैयार हो जाएगा.
यूरोपीय देशों का प्लान इस नेटवर्क का इस्तेमाल सिर्फ आग देखने के लिए नहीं, बल्कि सीमाओं की सुरक्षा, फसलों के प्रबंधन, आपदा प्रबंधन और शहरों के उन हिस्सों की पहचान करने के लिए भी करना है जहां गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ जाती है.
