शनि त्रयोदशी कल, भूलकर भी ना करें ये गलतियां, बढ़ सकती हैं परेशानियां
शनि त्रयोदशी इस बार 27 जून यानी कल मनाई जाएगी. शनि त्रयोदशी को शनि प्रदोष के नाम से भी जाना जाता है. शनि त्रयोदशी यानी प्रदोष व्रत का दिन शनि देव की कृपा पाने और कुंडली से साढ़ेसाती व ढैय्या के बुरे प्रभावों को कम करने के लिए बेहद पवित्र माना जाता है. इस विशेष दिन पर पूजा-पाठ का जितना महत्व है, उतना ही जरूरी यह जानना भी है कि इस दिन क्या नहीं करना चाहिए. शनि त्रयोदशी के दिन अनजाने में की गई गलतियां शनि देव को रुष्ट कर सकती हैं. इसलिए कल के दिन भूलकर भी ये काम न करें.
भूलकर भी न खरीदें ये चीजें
– लोहा या लोहे का सामान इस दिन लोहा खरीदने से घर में दरिद्रता और तनाव बढ़ता है
– शनि देव को तेल चढ़ाया जाता है, लेकिन इस दिन तेल खरीदकर घर लाना वित्तीय तंगी का कारण बन सकता है. तेल एक दिन पहले ही खरीद लें.
– इस दिन काले तिल, चमड़े की वस्तुएं या जूते-चप्पल खरीदने से भी बचना चाहिए.
शनि देव की आंखों में सीधे न देखें
जब आप कल मंदिर जाएं, तो सबसे जरूरी बात का ध्यान रखें. कभी भी शनि देव की मूर्ति की आंखों में सीधे न देखें. बल्कि, हमेशा शनि देव के चरणों की तरफ देखते हुए पूजा करें और प्रार्थना करें. उनकी सीधी दृष्टि (वक्री दृष्टि) को ज्योतिष में कष्टकारी माना गया है.
इन चीजों के सेवन से पूरी तरह बचें
शनि त्रयोदशी के दिन सात्विकता का पालन करना अनिवार्य है. इस दिन मांस, मदिरा और अंडे का सेवन भूलकर भी न करें. साथ ही, किसी भी तरह के नशे से दूर रहें, अन्यथा शनि का प्रकोप झेलना पड़ सकता है. अगर आप व्रत रख रहे हैं या विशेष पूजा कर रहे हैं, तो भोजन में लहसुन और प्याज का प्रयोग न करें.
कमजोर और असहाय लोगों का अपमान न करें
शनि देव न्याय के देवता हैं और वे समाज के वंचित, गरीब, मजदूर और असहाय लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं. इस दिन किसी गरीब, बुजुर्ग, सफाई कर्मचारी या बेजुबान जानवर (जैसे काले कुत्ते या गाय) को न तो सताएं और न ही उनका अपमान करें. ऐसा करने से शुभ फल की जगह शनि देव का भयंकर क्रोध झेलना पड़ सकता है.
घर के मुख्य द्वार पर न रखें अंधेरा
शनि त्रयोदशी की शाम (प्रदोष काल) को घर के मुख्य द्वार और पश्चिम दिशा में अंधेरा न रहने दें. शाम के समय घर के मंदिर में और मुख्य द्वार पर दीपक जरूर जलाएं. इसके अलावा, कल के दिन किसी से झूठ बोलने, धोखा देने या ब्याज पर गलत तरीके से पैसे वसूलने जैसे कामों से पूरी तरह दूर रहें.
शनि त्रयोदशी की सुबह या शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं, उसमें थोड़े काले तिल डालें और ऊं शं शनैश्चराय नमः का जाप करें. सामर्थ्य के अनुसार, गरीबों को काले चने, कंबल या चप्पल का दान करना बेहद शुभ रहेगा.
