Share Market : कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिका-ईरान तनाव से शेयर बाजार में गिरावट, जानें पूरा हाल

मंगलवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिका-ईरान के बीच नए तनाव ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा मौद्रिक नीति को लंबे समय तक सख्त रखने की बढ़ती उम्मीदें भी उभरते बाजारों में जोखिम लेने की क्षमता पर दबाव डाल रही हैं। एक विशेषज्ञ ने यह बात कही। तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 121.48 अंक गिरकर 76,835.79 पर आ गया। पचास शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 52.6 अंक गिरकर 24,027.80 पर पहुंच गया। घरेलू विकास में मजबूती, राजकोषीय घाटे पर नियंत्रण और पोर्टफोलियो से संबंधित निवेश प्रवाह के चलते मंगलवार सुबह रुपया 26 पैसे बढ़कर 94.96 प्रति अमेरिकी डॉलर पर कारोबार कर रहा था।

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में बजाज फिनसर्व, इंटरग्लोब एविएशन, टाइटन, भारतीय स्टेट बैंक, बजाज फाइनेंस और एक्सिस बैंक प्रमुख रूप से पिछड़ने वाले शेयरों में शामिल थे। वहीं, आईटीसी, एचसीएल टेक, भारती एयरटेल और इंफोसिस लाभ में रहे। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल 0.76 फीसदी बढ़कर 91.22 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। सोमवार को अमेरिकी बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए थे। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 7,985.88 करोड़ रुपये मूल्य की इक्विटी बेची।

बाजार में गिरावट के कई कारण हैं। नए सिरे से अमेरिका-ईरान तनाव एक प्रमुख वजह है। इसके कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। यह निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर रहा है। फेडरल रिजर्व की सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदें भी उभरते बाजारों में जोखिम लेने की क्षमता पर दबाव डाल रही हैं। पोनमुडी आर, जो एनरिच मनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं, ने यह जानकारी दी। उनकी फर्म ऑनलाइन कारोबार और वेल्थ-टेक क्षेत्र में काम करती है।