‘जेल में डाल दें या मार दें, लौटूंगी ही!’ शेख हसीना का बांग्लादेश लौटने का ऐलान
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपनी मातृभूमि लौटने का दृढ़ संकल्प व्यक्त किया है। उन्होंने बुधवार, 05 अगस्त 2026 को स्पष्ट रूप से घोषणा की कि उन्हें जेल में डाल दिया जाए या जान से मार दिया जाए, वह अपने देश वापस लौटेंगी और अपने लोगों का साथ नहीं छोड़ेंगी। इस घोषणा ने बांग्लादेश की राजनीति में हलचल मचा दी है।
शेख हसीना ने कहा, ‘उन्हें जेल में डाल दिया जाए या मार दिया जाए, फिर भी वह लौटेंगी। मैं दिसंबर, 2026 में ढाका लौटने को इच्छुक हूं, क्योंकि मैं अपनों का साथ नहीं छोड़ सकती।’
शेख हसीना ने अपनी वापसी को लेकर दिसंबर 2026 की इच्छा जताई है, हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस संबंध में अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। उनका यह बयान मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर जब उन्होंने वर्तमान सरकार पर देश की स्थिति बिगाड़ने का गंभीर आरोप लगाया है। यह ऐलान ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश में राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है।
नई दिल्ली में दिए एक बयान में, पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपने इरादे साफ कर दिए। उन्होंने कहा, ‘मुझे जेल में डाल दिया जाए या मार दिया जाए, फिर भी मैं लौटेंगी।’ उनका यह बयान बांग्लादेश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति में एक बड़े मोड़ का संकेत दे रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि दिसंबर 2026 में ढाका लौटने की उनकी तीव्र इच्छा है, लेकिन इस संबंध में अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
शेख हसीना ने अपनी संभावित वापसी के पीछे के कारणों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बांग्लादेश की वर्तमान सरकार पर देश की स्थिति को बदतर बनाने का सीधा आरोप लगाया। उनका मानना है कि इस नाजुक दौर में उन्हें अपने लोगों के साथ खड़ा होना चाहिए, भले ही इसके लिए उन्हें किसी भी चुनौती का सामना करना पड़े। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं।
शेख हसीना के इस ऐलान ने बांग्लादेश की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। दिसंबर 2026 में उनकी संभावित वापसी देश के राजनीतिक परिदृश्य को किस दिशा में ले जाएगी, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। उनके समर्थक इस घोषणा को एक नई उम्मीद के तौर पर देख रहे हैं, जबकि विरोधी खेमे में इसे लेकर नई रणनीतियाँ बननी तय हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री ने मौजूदा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में देश की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। उन्होंने अपनी वापसी को लेकर किसी भी धमकी या खतरे की परवाह न करने का संकेत दिया है। शेख हसीना का यह साहसिक कदम बांग्लादेश की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत कर सकता है, जहां आने वाले समय में उनकी वापसी के बाद कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। उनकी वापसी की घोषणा ने उनके समर्थकों में उत्साह भर दिया है, वहीं विपक्षी खेमे में चिंता की लहर दौड़ गई है।
