अमेरिकी F-35 को कैसे गिराएं? चीनी इंजीनियर ने बताया तरीका, ईरान ने किया अमल का दावा

अमेरिका और इजरायल के खिलाफ युद्ध में चीन गुपचुप तरीके से ईरान की मदद कर रहा है। इसमें आम चीनी नागरिक भी शामिल हैं, जो खुलकर ईरान का समर्थन कर रहे हैं। इसका एक उदाहरण 14 मार्च को देखने को मिला, जब अमेरिकी F-35 को गिराने के तरीके पर एक विस्तृत ट्यूटोरियल चीनी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वीडियो में अमेरिकी F-35 को ईरान के ऊपर मार गिराने का तरीका बताया गया था। वहीं, इस पोस्ट के चंद दिनों बाद ईरान ने दावा किया था कि उसने एक अमेरिकी F-35 पर सफलतापूर्वक हमला किया है। इस हमले में F-35 को भारी नुकसान भी पहुंचा था, जिसे अमेरिका ने खुद कबूल किया था। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, इस वीडियो को सबसे पहले “Laohu Talks World” नाम के एक चीनी सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया गया था। इस वीडियो में फारसी में सबटाइटल भी है। इसमें चीनी इंजीनियर विस्तार से बताता है कि ईरान अपने कम लागत वाले सिस्टम का इस्तेमाल करके इस उन्नत स्टील्थ लड़ाकू विमान को कैसे निशाना बना सकता है और नष्ट कर सकता है। इसे करोड़ों बार देखा गया। इस पोस्ट के पांच दिन बाद, 19 मार्च को, ईरान ने दावा किया कि उसने एक US F-35 पर हमला किया है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के ईरान के खिलाफ हमले शुरू होने के बाद यह चीन की तरफ से मदद करने की कोई अकेली घटना नहीं है। पूरे चीनी सोशल मीडिया पर, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) की विशेषज्ञता रखने वाले कई लोगों ने ऐसे कंटेंट बनाए और शेयर किए हैं, जिसका मकसद ईरान के युद्ध प्रयासों में मदद करना है। कंटेंट बनाने वाले कुछ लोग रिटायर्ड चीनी सैन्य अधिकारी भी हैं, जिन्हें मिलिट्री उपकरणों का अच्छा-खासा ज्ञान है।

F-35 लड़ाकू विमान को अमेरिकी डिफेंस कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने बनाया है। यह दुनिया का सबसे उन्नत 5वीं पीढ़ी का, एकल-इंजन, स्टील्थ तकनीक से लैस मल्टीरोल लड़ाकू विमान है।
F-35 को खास तौर पर दुश्मन के रडार की पकड़ से बचने के लिए डिजाइन किया गया है, जो इसे दुश्मन के हवाई क्षेत्र में घुसपैठ करने में सक्षम बनाता है।
F-35 को अमेरिकी वायुसेना का रीढ़ माना जाता है। अमेरिका इसके तीन वेरिएंट का इस्तेमाल करता है, जिनमें F-35A (परंपरागत), F-35B (शॉर्ट टेकऑफ़), और F-35C (नौसेना) शामिल हैं।
अमेरिका के अलावा, ब्रिटेन, इजरायल, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अन्य सहयोगी देश F-35 लड़ाकू विमान को ऑपरेट करते हैं। कई अन्य देशों ने F-35 का ऑर्डर दिया हुआ है।

इनके शेयर किए गए कंटेंट में कई तरह की चीजें शामिल हैं, जैसे कि उस क्षेत्र में अमेरिका के सैन्य ठिकानों के सटीक कोऑर्डिनेट देना, फारस की खाड़ी में अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियरों के खिलाफ मिसाइल हमलों का सुझाव देना, और ईरान के खर्ग द्वीप पर अमेरिका के संभावित हमले के खिलाफ बचाव का सिमुलेशन करना। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि चीन में साइंस टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथमेटिक्स (STEM) के प्रतिभाओं का विशाल भंडार है। चीन में हर साल लगभग 50 लाख STEM ग्रेजुएट पासआउट होते हैं, जिनमें से 13 लाख इंजीनियर होते हैं।