नवरात्र में घर के मुख्य द्वार पर करें ये आसान उपाय, भर जाएगी तिजोरी!

नवरात्र के नौ दिन सिर्फ व्रत और देवी पूजा के लिए ही नहीं होते, बल्कि यह समय घर की ऊर्जा को सकारात्मक बनाने का भी माना जाता है. विक्रम संवत 2083 की चैत्र नवरात्रि 19 मार्च 2026 से शुरू हो रही है. ऐसे में अगर मां दुर्गा की पूजा के साथ घर के मुख्य द्वार पर कुछ सरल वास्तु उपाय किए जाएं, तो घर में सुख-समृद्धि और माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है. वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का मुख्य द्वार ऊर्जा के प्रवेश का सबसे महत्वपूर्ण स्थान होता है. यहीं से सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा घर में आती है. इसलिए नवरात्रि के दिनों में मुख्य द्वार को साफ, पवित्र और शुभ रखना बहुत जरूरी माना जाता है.

राशियों को देंगे धन लाभ

नवरात्रि के दौरान घर के मुख्य द्वार पर आम या अशोक के पत्तों का तोरण लगाना शुभ माना जाता है. हिंदू परंपरा में इसे समृद्धि और मंगल का प्रतीक माना जाता है. माना जाता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं करती.

स्वास्तिक और शुभ-लाभ का चिन्ह

नहाने के बाद मुख्य द्वार के दोनों ओर कुमकुम या हल्दी से स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं. चाहें तो एक तरफ ‘शुभ’ और दूसरी तरफ ‘लाभ’ भी लिख सकते हैं. मान्यता है कि इससे घर में माता लक्ष्मी का आशीर्वाद बना रहता है.

लक्ष्मी जी के चरण-चिह्न

नवरात्रि के नौ दिनों तक मुख्य द्वार के अंदर की ओर आते हुए माता लक्ष्मी के छोटे-छोटे चरण-चिह्न बनाना शुभ माना जाता है. यह प्रतीक होता है कि घर में धन, सुख और सौभाग्य का आगमन हो रहा है.

गुलाब और जल का उपाय

एक तांबे के बर्तन में साफ पानी भरकर उसमें गुलाब की पंखुड़ियां डालें, इसे मुख्य द्वार के पास रखें. वास्तु के अनुसार गुलाब की खुशबू और जल सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाते हैं.

संध्या के समय दीपक जलाएं

नवरात्रि में सूर्यास्त के बाद मुख्य द्वार के पास घी का दीपक जलाना बहुत शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है .