सदी का सूर्यग्रहण देखने से इस बार चूके तो 157 साल बाद मिलेगा मौका, NASA ने बताई अवधि

दुनिया के बड़े हिस्से को आसमान में सूर्य ग्रहण का ऐसा नजारा देखने का मौका मिलने जा रहा है, जो सदियों में एक बार होता है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने बताया है कि इस सूर्य ग्रहण के दौरान दिन में इतना अंधेरा छाएगा कि कुछ मिनट के लिए रात जैसा माहौल हो जाएगा। अगले साल होने वाले इस ग्रहण के बाद अगले 157 साल तक इस तरह की अनोखी खगोलीय घटना नहीं होगी। यानी इसे देखने से चूकने वाले को फिर ऐसा मौका मिलना तकरीबन नामुमकिन है। सूर्य ग्रहण की इस घटना के बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटना साल 2184 तक दोबारा नहीं होगी। ऐसे में इसे सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण कहा जा रहा है। यह सूर्य ग्रहण 2 अगस्त, 2027 को होगा। छह मिनट से ज्यादा वक्त तक चलने की वजह से यह 21वीं सदी में होने वाला अब तक का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण बन जाएगा।

नासा के अनुसार, अगस्त, 2027 के इस सूर्य ग्रहण की कुल अवधि 6 मिनट 23 सेकंड होगी। यह दुनिया के कुछ हिस्सों में बहुत अच्छी तरह से दिखाई देगा। वहीं कई देशों के लोग इसे आंशिक तौर पर देख सकेंगे। इस ग्रहण को स्पेन में अलावा और युस्काडी से बेहद अच्छे से देखा जा सकेगा। मिस्र में नील घाटी से भी ग्रहण साफ दिखेगा।

इबेरियन प्रायद्वीप और आसपास के इलाकों में इस घटना को देखने के लिए सबसे चौड़ा क्षेत्र होगा। अफ्रीका, बाकी यूरोप और मध्य पूर्व में यह आंशिक रूप से दिखाई देगा। ग्रहण के रास्ते के कारण यह लैटिन अमेरिका में दिखाई नहीं देगा। इसके अलावा एशियाई देशों में भी यह ग्रहण बहुत अच्छे से नहीं देखा जा सकेगा।

अगले साल होने वाला यह ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा। भारत के लोग इसे नहीं देख पाएंगे क्योंकि इसका रास्ता भारतीय उपमहाद्वीप से होकर नहीं गुजरेगा। यह ग्रहण अटलांटिक महासागर के ऊपर शुरू होगा और दक्षिणी यूरोप, उत्तरी अफ्रीका और मध्य पूर्व के देशों से होकर गुजरेगा। यह मुख्य रूप से स्पेन, मोरक्को, अल्जीरिया, लीबिया, मिस्र और सऊदी अरब में पूरी तरह से दिखाई देगा। हालांकि कई एक्सपर्ट उम्मीद कर रहे हैं कि भारत या कुछ एशियाई मुल्कों से इस ग्रहण की आंशिक रूप से शायद कुछ झलक मिल सके। हालांकि इसकी उम्मीद काफी कम है।

2 अगस्त, 2027 का सूर्य ग्रहण अपनी अवधि के अलावा भी कुछ खासियत वाला रहेगा। इसमें सबसे खास ‘बेलीज बीड्स’ का दिखना होगा, जो चंद्रमा की घाटियों से छनकर आने वाली सूरज की रोशनी की चमक होती है। इसमें डायमंड रिंग का असर भी दिखेगा। इसमें कुछ सेकंड के लिए पूरे किनारे के बजाय रोशनी की केवल एक चमक दिखेगी।