कर्क राशि में लगने वाला है लंबा सूर्य ग्रहण, 4 राशियों के शुरू होंगे बुरे दिन!

साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को लगने जा रहा है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, यह ग्रहण कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में लगेगा. सावन के महीने में लगने वाला यह ग्रहण खगोलीय और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है, जिसका सीधा असर देश-दुनिया सहित सभी राशियों पर पड़ेगा.

यह ग्रहण विशेष रूप से कर्क राशि में लग रहा है, जिसके स्वामी चंद्रमा हैं. अश्लेषा नक्षत्र में होने के कारण कर्क राशि वालों को मानसिक बेचैनी और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. इस दौरान जातकों को धैर्य रखने और विवादों से बचने की सलाह दी जाती है.

ज्योतिषियों के अनुसार, कर्क के अलावा मेष, तुला और मकर राशि के जातकों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण हो सकता है.

कर्क (Cancer): ग्रहण इसी राशि में है, इसलिए मानसिक तनाव और सेहत में गिरावट आ सकती है. दुर्घटना के योग भी बन रहे हैं.

मेष (Aries): पारिवारिक कलह और माता की सेहत को लेकर परेशानी बढ़ सकती है. प्रॉपर्टी के विवाद में न पड़ें.

तुला (Libra): कार्यक्षेत्र में अपमान या नौकरी जाने का खतरा हो सकता है. आर्थिक निवेश से बचें.

मकर (Capricorn): वैवाहिक जीवन में तनाव और साझेदारी के बिजनेस में बड़ा घाटा होने की आशंका है.

सभी राशियों के लिए यह बुरा नहीं है. मिथुन, कन्या और मीन राशि के लोगों के लिए यह सूर्य ग्रहण भाग्य के द्वार खोल सकता है. व्यापार में वृद्धि, रुका हुआ धन वापस मिलना और कार्यस्थल पर मान-सम्मान बढ़ने के प्रबल योग बन रहे हैं.

यह ग्रहण भारतीय समयानुसार रात में शुरू होगा. शास्त्रों के अनुसार, सूर्य ग्रहण का सूतक काल ग्रहण शुरू होने से 12 घंटे पहले लग जाता है. हालांकि, भारत में रात होने के कारण इसकी दृश्यता नहीं होगी, जिससे यहाँ सूतक के कड़े नियम लागू नहीं होंगे.

ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें. ग्रहण समाप्त होने के बाद अपनी सामर्थ्य अनुसार गेहूं, तांबा या गुड़ का दान करना शुभ रहेगा. गर्भवती महिलाओं को इस दौरान विशेष रूप से भगवान का ध्यान करने की सलाह दी जाती है.