स्पेन और फ्रांस में ‘कुदरत का तांडव’: आखिर क्यों जंगलों की आग में जल रहा है यूरोप?
यूरोप का दिल कहे जाने वाले स्पेन और फ्रांस इस वक्त आग की भयंकर लपटों में झुलस रहे हैं. हरे-भरे जंगल, लहलहाते खेत और खूबसूरत गांव पल भर में राख के ढेर में तब्दील हो रहे हैं. अब तक 15 लोगों की जान जा चुकी है और करीब 3 लाख लोगों को अपना घर-बार छोड़कर भागना पड़ा है. आसमान में धुएं का गुबार है और जमीन पर सिर्फ तबाही का मंजर. आखिर क्यों बेकाबू हुई यह आग? क्या यह प्रकृति का कोई नया इशारा है?
स्पेन और फ्रांस के जंगलों में लगी भीषण आग ने इस वक्त पूरे यूरोप में हाहाकार मचा रखा है. इतिहास के सबसे बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन्स में से एक चलाया जा रहा है. अब तक 13 नागरिकों और फ्रांस के 2 दमकलकर्मियों समेत 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है. आग की भयावहता को देखते हुए 3,00,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है.
महीनों से बारिश न होना और लगातार जारी हीटवेव इस आग के मुख्य कारण हैं. भयंकर गर्मी ने पेड़-पौधों, झाड़ियों और घास को इतना सूखा दिया है कि एक छोटी सी चिंगारी भी कुछ ही मिनटों में भीषण तबाही का रूप ले लेती है. चाहे वह आकाशीय बिजली हो या इंसानी लापरवाही, सूखा जंगल बारूद की तरह काम कर रहा है.
आग को बेकाबू करने में तेज और बदलती हवाओं का सबसे बड़ा हाथ है. हवाएं आग की लपटों को तेजी से आगे बढ़ाती हैं और जलते हुए अंगारों को दूर-दूर तक फेंक देती हैं. इससे नए-नए इलाकों में आग सुलग उठती है. ऊबड़-खाबड़ पहाड़ियों की वजह से दमकलकर्मियों के लिए आग की सही दिशा का अनुमान लगाना बेहद मुश्किल हो रहा है.
वैज्ञानिकों का साफ कहना है कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण यूरोप में मौसम का मिजाज बदल चुका है. लगातार बढ़ती गर्मी और घटती नमी ने जंगलों को संवेदनशील बना दिया है. संयुक्त राष्ट्र (IPCC) की चेतावनी के मुताबिक, इंसानी गतिविधियों के कारण मौसम का संतुलन बिगड़ रहा है. मौसम अब ऐसा बन चुका है जो आग को फैलने में सबसे ज्यादा मदद करता है.
हजारों फायरफाइटर्स, सेना के जवान, हेलीकॉप्टर और वाटर-बॉम्बिंग विमान दिन-रात आग बुझाने में लगे हैं. इसके बावजूद सफलता नहीं मिल पा रही है. घना धुआं पायलटों की दृश्यता (visibility) को प्रभावित कर रहा है, वहीं तेज हवाएं पानी के छिड़काव के सटीक निशाने को बिगाड़ रही हैं. दुर्गम रास्तों के कारण जमीनी टीमें मौके पर नहीं पहुंच पा रही हैं.
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि पश्चिमी यूरोप में तापमान और बढ़ सकता है. ऐसे में मौजुदा आग और विकराल रूप ले सकती है. प्रशासन का मानना है कि आने वाले दिन बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं, क्योंकि प्रकृति के इस रूप के आगे इंसानी कोशिशें कमजोर साबित हो रही हैं.
