‘मकसद दुल्हन और उसके परिवार को निचोड़ना होता है’: दहेज हत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने दहेज उत्पीड़न और दहेज हत्या के मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि शादी के बाद दुल्हन और उसके परिवार को आर्थिक रूप से “निचोड़ने” की मानसिकता समाज के लिए गंभीर खतरा है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि ऐसे मामलों में सख्त संदेश देना जरूरी है ताकि महिलाओं के साथ होने वाले उत्पीड़न पर रोक लग सके। जस्टिस B. V. Nagarathna और जस्टिस Ujjal Bhuyan की पीठ छत्तीसगढ़ के एक दहेज मृत्यु मामले की सुनवाई कर रही थी। अदालत ने मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए पति के परिवार के कई सदस्यों की सजा को बरकरार रखा। सुनवाई के दौरान जस्टिस नागरत्ना ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि लड़कों के परिवार शादी के बाद दुल्हन और उसके परिवार को अपमानित क्यों करते हैं। उन्होंने कहा कि यह संदेश समाज में जाना चाहिए कि अब दुल्हनों और उनके परिवारों के साथ इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कोर्ट ने कहा कि कई मामलों में शादी को आर्थिक दबाव और वसूली का माध्यम बना दिया जाता है। न्यायाधीश ने टिप्पणी की, “मकसद तो दुल्हन और उसके परिवार को निचोड़ना होता है।”
