सुल्तानपुर : भाजपा विधायक ने दी व्हीलचेयर, दिव्यांग बैठा.. फोटो खिंचाई, खड़ा होकर चलने लगा.. अफसर ने बताई सच्चाई

उत्तरप्रदेश : सुल्तानपुर में एक व्यक्ति व्हीलचेयर पर बैठा था। फोटो खींची गई। फिर वह व्यक्ति उठकर चलने लगा। यह चमत्कार नहीं, सुल्तानपुर में व्हीलचेयर वितरण कार्यक्रम का नजारा है। कार्यक्रम विकलांग कल्याण विभाग की तरफ से था। लंभुआ सीट से भाजपा विधायक सीताराम वर्मा पहुंचे थे। उन्होंने एक स्वस्थ व्यक्ति को व्हीलचेयर बांट दी। उस व्यक्ति ने व्हीलचेयर पर बैठकर फोटो भी खिंचवाई। इसके बाद वह बिना किसी सहारे के व्हीलचेयर से उठकर खड़ा हो गया। घटनाक्रम का वीडियो सामने आया है। अब अफसर सफाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि जिस युवक को व्हीलचेयर मिलना था, वह आने में असमर्थ था। इसलिए उसके पिता को दे दी गई।

मामला शनिवार का है। लंभुआ ब्लॉक परिसर में दिव्यांगजन समारोह आयोजित किया गया। दिव्यांग व्यक्तियों को ट्राई साइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी, कान की मशीन और अन्य सहायक उपकरण वितरित किए गए। अधिकारियों ने विधायक सीताराम वर्मा से एक ऐसे व्यक्ति को व्हीलचेयर दिलवाई, जो शारीरिक रूप से स्वस्थ था। लोग बोले- जरूरतमंद नहीं पहुंच पाए लोगों ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारियों ने कार्यक्रम को लेकर पहले से कोई प्रचार-प्रसार नहीं किया था। इसकी कोई सूचना जारी नहीं की गई, जिससे जरूरतमंद लोग योजना का लाभ नहीं उठा पाए।

अधिकारियों ने केवल अपने चहेतों को बुलाकर उपकरण वितरित किए और औपचारिकता पूरी कर ली।

मामले में जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी मुदित श्रीवास्तव ने बताया, विधायक सीताराम वर्मा और ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि द्वारा कुल 16 ट्राई साइकिल, 8 व्हीलचेयर, 4 बैसाखी, 1 कान की मशीन और 1 वॉकिंग स्टिक वितरित की गईं। उन्होंने शादी अनुदान योजना के तहत प्रमाण पत्र भी बांटे जाने की जानकारी दी। विधायक ने बनकेपुर निवासी राम धनी को व्हीलचेयर दी है। उनके बेटे संदीप दिव्यांग हैं। वह कार्यक्रम में आने में असमर्थ थे, इसलिए उनकी जगह उनके पिता को व्हीलचेयर दी गई है।

विधायक सीताराम वर्मा ने कहा- मानवीय आधार पर और नियमों को ध्यान में रखते हुए दिव्यांग के पिता को सांकेतिक रूप से ट्राई साइकिल दी गई। यह पूरी तरह से जरूरतमंद की मदद के लिए किया गया कार्य था। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं। यह गलत और निराधार हैं। दिव्यांग बीमार था, आने में असमर्थ था, इसलिए उसके परिवार को सहायता देना ही उचित था।

 

 

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