तमनार हिंसा… महिला आरक्षक की वर्दी फाड़ी, अर्धनग्न किया, भीड़ ने दौड़ाया, खेत में गिराकर घसीटा
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक में JPL कोयला खदान के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान महिला आरक्षक के कपड़े फाड़ दिए गए। प्रदर्शनकारियों ने उसे आधा किमी तक दौड़ाया। जब वह खेत में गिर गई, तो वर्दी फाड़-फाड़कर उसे अर्धनग्न कर दिया गया। महिला आरक्षक के साथ मारपीट की गई. प्रदर्शनकारियों ने उसे लगभग आधा किलोमीटर तक दौड़ाया और जब वह खेत में गिर गई, तो उसकी वर्दी फाड़ दी गई, जिससे वह अर्धनग्न हो गई. जानकारी के मुताबिक, जिंदल उद्योग की कोल ब्लॉक जनसुववाई को पहले प्रस्तावित स्थल से दूसरे स्थान पर कराया गया था, लेकिन इसके बावजूद आंदोलन शांत नहीं हुआ. 12 दिसंबर से जारी आंदोलन को 27 दिसंबर को सड़क पर हुई एक दुर्घटना ने विवाद को और बढ़ा दिया. इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने पथराव और आगजनी की, साथ ही पुलिस पर भी हमला किया.
तमिनार ब्लॉक में महिला आरक्षक के साथ हुई अमानवीय व्यवहार का वीडियो भी वायरल हो रहा है. करीब 40 सेकंड की इस वीडियो में एक महिला आरक्षक रोती हुई और प्रदर्शनकारियों से मिन्नतें करती हुई दिख रही है. महिला आरक्षक प्रदर्शनकारियों से कह रही है, ‘भाई मुझे माफ कर दो, मुझे जाने दो.’ वीडियो में प्रदर्शनकारी महिला पुलिस कर्म से पूछते हैं, ‘तुम यहां क्या कर रही थी? तुम्हें चप्पल से मारूं? यहां से चली जाओ.’ फिर वे उसे अकेला छोड़ देते हैं. इससे पहले महिला आरक्षक को भीड़ ने करीब आधा किलोमीटर तक दौड़ाया और जब वह खेत में गिर गई, तो उसकी वर्दी फाड़-फाड़कर उसे अर्धनग्न कर दिया गया. यह घटना 27 दिसंबर 2025 की बताई जा रही है. बता दें इस घटना से पहले एक हिंसक झड़प के दौरान एक महिला पुलिस इंस्पेक्टर को लात मारे जाने का वीडियो भी सामने आया था.
यह वीडियो बेहद शर्मनाक है। रायगढ़ के तमनार में महिला आरक्षक के साथ बर्बरता किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं।
विरोध का अधिकार है, लेकिन मर्यादा के साथ।
आज पूरा छत्तीसगढ़ शर्मसार है।
कानून-व्यवस्था संभालने में विफल @BJP4CGState सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए।#Chhattisgarh #Tamnar pic.twitter.com/KCWvszPzbF— Puneshwar Lahare 🇮🇳 (@PuneshwarLahare) January 1, 2026
सूत्रों के मुताबिक, तमनार पुलिस स्टेशन में अलग-अलग FIR में 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों पर गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है, जबकि कुछ को गिरफ्तार भी किया गया है. यह घटना 8 दिसंबर 2025 को धौरभाठा में हुई जनसुनवाई के विरोध से जुड़ा है. JPL कोल माइन सेक्टर-1 कोल ब्लॉक से प्रभावित 14 गांवों के लोग 12 दिसंबर से धरना प्रदर्शन कर रहे थे. 27 दिसंबर की सुबह करीब 9:00 बजे लगभग 300 ग्रामीण लिबारा चौक पर इकट्ठा हुए और सड़क पर बैठकर ट्रैफिक जाम कर दिया. हालात बिगड़ता देख पुलिस के बड़े अधिकारी करीब 10:00 बजे मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने ग्रामीणों से बात की और उन्हें लौटने के लिए मनाया. कुछ देर के लिए स्थिति शांत रही, लेकिन बाद में तनाव बड़ गया.
