शिक्षकों को अब नही करना होगा 5 साल का इन्तजार, 3 साल में होगी पदोन्नति

क्षेत्रीय

रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में 22 नवंबर को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में पदोन्नति नियमों को शिथिल करने का फैसला हुआ था। तय हुआ था कि प्रधान पाठक प्राइमरी स्कूल, शिक्षक एवं व्याख्याता के पदों पर पदोन्नति के लिए विभागीय भर्ती नियमों में बदलाव किया जाए। नियमों में प्रावधानित 5 वर्ष के अनुभव को एक बार के लिए बदलकर 3 वर्ष के अनुभव के आधार पर ही पदोन्नति दे दी जाए। सरकार के इस फैसले से लगभग 28 हजार एलबी शिक्षक संवर्ग के शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ मिलेगा।

प्राइमरी स्कूलों के करीब 22 हजार 500 सहायक शिक्षक अब प्रधान पाठक बन जाएंगे। वहीं पूर्व माध्यमिक स्कूलों के लगभग 3 हजार 500 शिक्षक अब प्रधान पाठक बन जाएंगे। माध्यमिक स्कूलों के करीब 2500 शिक्षकों को भी इस पदोन्नति का फायदा मिलेगा। यह व्यवस्था केवल एक बार के लिए की गई है।

 

पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय ने किया बड़ा फैसला, सेमेस्टर परीक्षाओं की समय सारणी को किया निरस्त