कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला, दुष्‍कर्म के बाद जन्‍मी बच्‍ची को मिलेगी दोषी की आधी संपत्ति

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वैशाली के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश षष्टम सह पाक्सो के विशेष न्यायाधीश आशुतोष कुमार झा ने करीब डेढ़ वर्ष पूर्व एक बच्ची के साथ दुष्कर्म कर गर्भवती करने के मामले में एक महिला समेत दो लोगों को जीवन के अंतिम सांस तक की सजा सुनाई है। दोषी करार दिए गए संजीत पासवान को एक लाख रुपये तथा संगीता देवी को 51 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।मालूम हो कि घटना के बाद पीड़िता ने एक बच्ची को जन्म दिया था। डीएनए टेस्ट में बात सामने आई कि संजीत पासवान उस बच्‍ची का पिता है। इस आधार पर संजीत पासवान की संपत्ति का एक हिस्सा नवजात शिशु को भी देने का आदेश दिया गया है।

सहेली की मां ने युवक के साथ कमरे में कर दिया था बंद

विशेष लोक अभियोजक मनोज कुमार शर्मा ने बताया की पातेपुर थाना क्षेत्र की एक 16 वर्षीय बच्ची अपने पड़ोस की लड़की के साथ स्कूल जाती थी। उसकी सहेली की मां संगीता देवी और मौदह बुजुर्ग गांव का संजीत पासवान साथ मिलकर ब्याज पर रुपये लगाने का काम करते थे। उसी के इशारे पर संगीता देवी ने अपनी पुत्री की सहेली को अपने घर पर बुलाकर संजीत पासवान के साथ एक कमरे में बंद कर दिया। जहां संजीत कुमार ने उसके साथ दुष्कर्म किया।

शरीर में बदलाव आने पर चाची ने की पूछताछ तब सामने आया मामला

पीड़िता की मां पूर्व में ही मर चुकी थी। पिता मानसिक रूप से विक्षिप्त था। इसी का लाभ उठाकर संजीत उसके साथ 5-6 महीने तक दुष्कर्म करता रहा। इसी बीच पीड़िता के शरीर में बदलाव आ गया। यह देखकर उसका पालन पोषण कर रही चाची ने पूछताछ शुरु की तब उसने आपबीती बताई। उसकी चाची जब संजीत पासवान से इस संबंध में पूछताछ करने के लिए उसके घर पर गई तब संजीत ने उसके साथ मारपीट की और घर से भगा दिया।

सहेली, उसकी मां और संजीत पासवान पर हुई प्राथमिकी

इसके बाद हाजीपुर महिला थाने में संजीत पासवान, संगीता देवी तथा सहेली के विरुद्ध पीड़िता ने 15 अक्टूबर 2020 को प्राथमिकी दर्ज कराई। मामले में संजीत पासवान तथा संगीता देवी पर 13 दिसंबर 2020 को न्यायालय में आरोप-पत्र समर्पित किया गया। न्यायालय ने इन दोनों के विरुद्ध 16 दिसंबर 2020 को संज्ञान लिया तथा 23 जनवरी 2021 को आरोप गठन किया गया। इसी बीच पीड़िता ने एक बच्ची को जन्म दिया। विशेष लोक अभियोजक की ओर से किए गए पहल के बाद पीड़िता, नवजात शिशु तथा आरोपी संजीत पासवान का डीएनए टेस्ट कराया गया। डीएनए टेस्ट में आरोपी संजीत पासवान को बच्ची का जैविक पिता होने की पुष्टि हुई।

नैसर्गिक जीवन की अंतिम सांस पर रहना होगा जेल में

मामले में विशेष लोक अभियोजक मनोज कुमार शर्मा एवं सूचक के अधिवक्ता हरिशंकर कुमार ने अभियोजन पक्ष के नौ, बचाव पक्ष के एक तथा 16 प्रदर्श प्रस्तुत किए जाने के बाद न्यायाधीश ने संजीत पासवान तथा संगीता देवी को दोषी करार दिया गया था। सजा के बिंदू पर सुनवाई के बाद संजीत पासवान तथा संगीता देवी को नैसर्गिक जीवन की अंतिम सांस तक की कारावास की सजा सुनाई गई है। इस मामले में जिला विधिक सेवा प्राधिकार को पीड़िता को 10 लाख रुपये प्रतिकर योजना के तहत देने तथा पीड़िता की नवजात शिशु के नाम पर 15 लाख रुपये जमा करने का आदेश दिया है। साथ ही साथ पीड़िता के नवजात शिशु को अपनाने से इंकार करने पर बाल संरक्षण इकाई में पल रही नवजात शिशु को दत्तक ग्रहण कानून के तहत उसे किसी को नियमानुकूल सौंपने का भी आदेश दिया है। इस मामले में एक्सेस टू जस्टिस फार चिलड्रेन के सचिव सुधीर कुमार शुक्ला ने अहम भूमिका निभाई।