22 मई से खुलेंगे हेमकुंड साहिब के कपाट

धर्म

Hemkund Sahib Yatra 2022: हेमकुंड साहिब सिखों का एक प्रमुख तीर्थ स्थान है. हेमकुंड साहिब को उत्तराखंड के पांचवे धाम के रूप में पहचाना जाता है. ऐसे में श्रद्धालुओं के लिए हेमकुंड साहिब के कपाट 22 मई 2022 को सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर खोले जाएंगे. गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के ट्रस्टियों ने भारतीय सेना और अपने दल की ओर से किए गए निरीक्षण के बाद, उत्तराखंड प्रशासन से विचार-विमर्श करके यह निर्णय लिया है.

दर्शन करने वाले यात्रियों की सुविधाओं के लिए हेमकुंड साहिब ट्रस्ट की ओर से अपने सभी गुरुद्वारों, धर्मशालाओं और विश्रामस्थलों में रख-रखाव का कार्य शुरू कर दिया है. ऐसे में भारतीय सेना अप्रैल माह के दूसरे हफ्ते से बर्फ को काटने का काम शुरू कर देगी.

श्रद्धालुओं के लिए इस यात्रा को सुगम बनाने के लिए, हेमकुंड साहिब के ट्रस्टी, सेवादार और स्थानीय नागरिक जोरों-शोरों से तैयारियों में लगे हुए हैं. भक्तों की सुविधा के लिए सभी पुख्ता इंतजाम करने की तैयारियां की जा रही हैं.

क्या है हेमकुंट साहिब के पीछे की मान्यता

यहां पहले एक मंदिर था जिसका निर्माण भगवान राम के अनुज लक्ष्मण ने करवाया था. सिखों के दसवें गुरु गोबिन्द सिंह ने यहां पूजा अर्चना की थी. बाद में इसे गुरुद्वारा घोषित कर दिया गया. इस दर्शनीय तीर्थ में चारों ओर से बर्फ़ की ऊंची चोटियों का प्रतिबिम्ब विशालकाय झील में रोमांच से भरा लगता है. इसी झील में हाथी पर्वत और सप्त ऋषि पर्वत श्रृंखलाओं से पानी आता है. एक छोटी जलधारा इस झील से निकलती है जिसे हिमगंगा कहते हैं. झील के किनारे स्थित लक्ष्मण मंदिर भी अत्यन्त दर्शनीय है.