कोरोना के बढ़ते मामलों ने दी टेंशन, क्या फिर लगेंगी पाबंदियां? जानिए क्या कह रहे एक्सपर्ट

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दुनिया भर में कोरोना का कहर खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है. कोरोना की तीसरी लहर समाप्त होने के बाद ऐसा लग रहा था मानों अब कोरोना हमेशा के लिए चला गया है लेकिन फिर से कोरोना के बढ़ते मामलों ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है. दुनिया समेत भारत में भी कोरोना के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं. भारत में कोरोना वायरस की चौथी लहर के खतरे के बीच, हेल्थ एक्सपर्ट्स ने ओमिक्रॉन के नए वेरिएंट सामने आने की आशंका जताई है.

क्या भारत में सच में आ सकती है कोरोना की चौथी लहर?

कोरोना के बढ़ते मामलों के देखते हुए चीन में फिर से लॉकडाउन लग चुका है. वहीं, जर्मनी समेत बाकी यूरोपीय देशों में भी कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. वहीं, अगर भारत की बात करें तो दिल्ली और मुंबई में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखकर आशंका जताई जा रही है कि देश में जल्द ही चौथी लहर आ सकती है.

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 2483 नए मामले मिले हैं. देश में फिलहाल संक्रमण दर 0.55 फीसदी है और एक्टिव केस 15 हजार 636 हैं. इसे देखते हुए हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत में कोरोना की चौथी लहर आने की संभावना है.

क्या बढ़ते मामलों को लेकर हमें चिंता करनी चाहिए?

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च में महामारी विज्ञान विभाग के पूर्व प्रमुख डॉ ललित कांत ने कहा, जैसे ही लोग मास्क लगाना छोड़ देते हैं, कोरोना के मामले फिर से बढ़ने लगते हैं. ऐसे में कोरोना के मामलों में उतार-चढ़ाव तो आता ही रहेगा, लेकिन जरूरी यह है कि इससे मरने वालों की संख्या में बढ़ोतरी ना हो.

क्या पाबंदियां लगाने की है जरूरत?

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने फिर से घर से बाहर मास्क ना पहनने वाले लोगों पर 500 रुपए का जुर्माना लगाना शुरू कर दिया है. एक्सपर्ट का कहना है कि मास्क लगाने को हेल्थ एजुकेशन के साथ लागू किया जाना चाहिए. लेकिन मास्क पहनने के अलावा, किसी भी तरह की पाबंदियां लगाने की कोई जरूरत नहीं है. महामारी एक्सपर्ट डॉ. चंद्रकांत लहरिया ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा, आखिर हम कब तक मास्क लगाने और बाकी पाबंदियों को लागू कर सकते हैं? अगर लोगों को कोरोना हो भी जाता है तो इसमें घबराने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि वायरस काफी माइल्ड है और इसके लिए स्कूल बंद करने या लॉकडाउन लगाने की कोई जरूरत नहीं है.

भारत को किस तरह करनी चाहिए तैयारी?

मास्क पहनें- एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोरोना वायरस से बचने के लिए जरूरी है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में मास्क जरूर पहनें. यह बात तो सभी जानते कि कोरोना से बचने के लिए मास्क ही एकमात्र हथियार है. ऐसे में मास्क ना पहनना अपनी जान को खुद जोखिम में डालने के समान है.

वैक्सीनेशन/ बूस्टर डोज- कोरोना की इस चौथी लहर से बचने के लिए जरूरी है कि जिन लोगों ने भी अभी तक वैक्सीन नहीं लगवाई है वह जल्द से जल्द अपना स्लॉट बुक करें. साथ ही जिन लोगों के लिए बूस्टर डोज की सुविधा सरकार की तरह से उपलब्ध कराई गई है वह इसे जरूर लें.

बच्चों का वैक्सीनेशन- अब 12 से 18 साल तक के बच्चों के लिए वैक्सीनेशन की सुविध उपलब्ध है. ऐसे में जरूरी है कि पेरेंट्स बच्चों को वैक्सीन जरूर लगवाएं इससे चौथी लहर आने के बावजूद भी बच्चों में किसी गंभीर समस्या कै खतरा नहीं रहेगा.

भीड़-भाड़ वाले इलाकों से रहे दूर- कोरोना की इस चौथी लहर से बचने के लिए जरूरी है कि आप जहां तक संभव हो भीड़-भाड़ वाले इलाकों से खुद को दूर रखें. WHO के एक्सपर्ट का कहना है कि चौथी लहर में लॉकडाउन लगाने की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी लेकिन कुछ नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है.