11 बैलगाड़ियों पर निकली बारात, घुंघरू की आवाज पर नाचे बाराती

राष्ट्रीय

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में एक बेहद अनोखी शादी देखने को मिली. दरअसल, यहां दूल्हा अपनी दुल्हन को लेने बैलगाड़ी में पहुंचा. खास बात यह रही कि पूरी बारात भी बैलगाड़ियों पर ही बैठकर दुल्हन के घर तक आई. बैलगाड़ियों पर बैठी यह बरात जिस भी गांव से गुजरी, लोग इसे ना केवल एकटक देखते रहे बल्कि इस लम्हे को अपने-अपने मोबाइल में कैद भी करने लगे. यह बारात गाजे-बाजे के साथ ईरास ग्राम पंचायत तक ऐसे ही पहुंची.

दूल्हे का नाम प्रभु कुमावत है, जिसकी शादी गोपाल कुमावत की बेटी मैना से तय हुई थी. बताया जा रहा है कि देश में पेट्रोल-डीजल की कीमत में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. और साथ ही इससे प्रदूषण भी काफी होता है. इसलिए दूल्हा अपनी बारात बैलगाड़ी में निकालकर लोगों को प्रदूषण रोकने का एक तरह से संदेश देना चाहता था.

वहीं, गांव के कुछ अन्य बुजुर्गों ने कहा कि बैलगाड़ी वाली बारात को देखकर उनकी भी पुरानी यादें ताजा हो गईं. क्योंकि पहले के जमाने में इसी तरह से बारात शादी के लिए आती थी.

प्रभु कुमावत ने जब अपने पिता भंवर कुमावत को यह बात बताई कि वह बैलगाड़ी से अपनी बारात ले जाएंगे तो उन्होंने भी इसका समर्थन किया. फिर 22 बैलों की 11 बैलगाड़ियां तैयार की गईं और दूल्हा अपनी दुल्हन को लेने पहुंचा. पूरे रास्ते बाराती बैलों के पैरों पर बंधे घुंघरू की आवाज पर नाचते रहे.